उत्कर्ष गुप्ता ने दिलाई रमाज्ञा को नयी पहचान

अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के मामले में रामाज्ञा ग्रुप एक जाना माना नाम बन चुका है. हालांकि इसे इसके संस्थापक संजय गुप्ता ने एक अनोकी पहचान दी है, लेकिन इसे देश भर में एक सम्मानित व लोकप्रिय ब्रांड बनाने का श्रेय पूरी तरह इसके मैनेजिंग डाइरेक्टर उत्कर्ष गुप्ता को जाता है. युवा जोश और आधुनिक तकनीक की समझ और विश्व की सर्वोत्तम शिक्षण प्रणालियों को अपनाने के उनके दूरदर्शी नजरिये से वह आज शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. अमिटी यूनिवर्सिटी से प्रबंधन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने करियर की शुरूआत की और जल्द ही अपनी प्रतिभा के दम पर नये मुकाम हासिल कर लिये. बहुमुखी प्रतिभा के धनी उत्कर्ष अपनी इस कामयाबी का सारा श्रेय अपने पिता संजय गुप्ता को देते हैं.
उत्कर्ष को करीब से जानने वाले कहते हैं कि वे किसी भी विषय की गहरी समझ रखते हैं और उन्होंने ऐसा सिस्टम विकसित किया है कि रामाज्ञा के हर छात्र को पर्सनल अटेंशन मिले। उऩ्होंने ग्रुप के हर स्कूल में हर छात्र की व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सीखने का माहौल विकसित किया. इसके लिये उन्होंने केवल संबंधित विषय के ज्ञान की पारंपरिक नीति को बदलकर उनके समग्र विकास पर जोर दिया. छात्रों को सीखने के बेहतर मौके और व्यापक मंच मिले इसके लिए रामाज्ञा को दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के साथ जोड़ने की पहल भी उत्कर्ष ने ही की. उत्कर्ष की ही मेहनत, लगन और नये प्रयोगों की बदौलत रामाज्ञा स्कूल नोएडा का पांचवां और देश का तीसवां सबसे अच्छा स्कूल बन चुका है.
उत्कर्ष ने थोड़े समय में ही रामाज्ञा का अभूत्पूर्व विकास और विस्तार किया. उनके मार्गदर्शन में ही रामाज्ञा ने नोएडा, दादरी, कौशांबी, ग्रेटर नोएडा में नए स्कूल खोले वहीं फर्स्ट स्टेप, स्पोर्स्ट अकादमी, रामाज्ञा इंस्टीट्यूट, नॉलेज विस्टा, सामाज्ञा फाउंडेशन, निशब्द और बाल साथी की भी शुरूआत भी की. इनके माध्यम से छात्रों में प्रतिभा विकास किया जा रहा है वहीं रामाज्ञा उन्हें आईआईटी, नीट, केवीपीवाई और एनटीएसई जैसे प्रतिष्ठित इम्तेहानों के लिए भी तैयार कर रहा है.
पारदर्शिता, ईमानदारी और स्मार्ट कामकाज में विश्वास करने वाले उत्कर्ष ने न केवल खुद को साबित किया बल्कि आज वह युवा पीढ़ी के लिए आदर्श बन चुके हैं.