अभिनव लाल ने प्रेक्टो से स्वास्थ्य सेवाएं देकर बनायी पहचान

अभिनव लाल भारत में स्टार्टअप की दुनिया में जाना-माना नाम बन चुके हैं. लोगों की समस्याएं हल करने के विचार के साथ उन्होंने अपने साथी शशांक के साथ मिलकर स्टार्टअप प्रेक्टो की शुरूआत की. जो आज लोगों को इंटरनेट के माध्यम से विशेषज्ञ इलाज की सुविधा उपलब्ध करा रहा है. 2008 में बैंग्लोर में अपने साथी तीन कमरों के घर से इसकी शुरूआत करने से लेकर लाल ने आज इसे भारत की सबसे बड़ी डिजिटल हेल्थ कंपनी तक पहुंचा दिया है. उनकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज उनके पास 124 मिलियन डॉलर का विदेशी निवेश है. शशांक कहते हैं कि बढ़िया प्रोडक्ट और लंबी प्लानिंग पर निवेशक निश्चित तौर पर भरोसा करते हैं. अगर किसी भी उत्पाद में यह दो चीजें हैं तो वह निवेशकों की नजरों से बच नहीं सकता. इसके अलावा सुधार के लिए हमेशा तैयार रहना भी आपकी बड़ी खूबी मानी जाती है.

आज देश भर के प्रमुख शहरों के साथ-साथ मझोले और कस्बों में भी उनकी टीम में शामिल 10,000 अस्पताल, 5000 जांच केंद्र और दो लाख से अधिक डॉक्टर हैं जो एक एप्लीकेशन के जरिए प्रेक्टो पर आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं. इतना ही नहीं इन्होंने हाल ही में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली क्विकवैल, जीनी, फिट हो और इंस्टा हैल्थ नाम की चार कंपनियों को भी प्रेक्टो में शामिल कर लिया है.

अभिनव ने कर्नाटक के नेश्नल इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलॉजी से सूचना तकनीक में बीटेक की पढ़ाई की है. पढ़ाई के आखिरी साल में ही उन्होंने प्रेक्टो पर काम करना शुरू कर दिया था. प्रेक्टो का पहला सॉफ्टवेयर अभिनव ने अपने एक साथी के साथ मिलकर खुद तैयार किया. इसमें एक ईमेल का बटन था. शुरूआत में लगभग 10 -15 डॉक्टरों को ही इसमें जोड़ा गया. बाद में उपयोगकर्ताओं के सुझाव पर इसमें समय समय पर सुधार भी किये गये. आज वे केवल भारत ही नहीं बल्कि सिंगापुर में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वहां क्लीनिक मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के बाजार के सबसे बड़े हिस्से पर उनकी पकड़ है. इतना ही नहीं, फिलीपींस, मलेशिया और मिडिल-ईस्ट के लिए भी उनकी दूरगामी योजनाएँ हैं.