विश्वनाथ यादव- संघर्ष से लक्ष्य की ओर अग्रसर

र्युवा सोच और जोश के साथ राजनीति में प्रवेश करने वाले विश्वनाथ यादव की लोकप्रियता आज तेजी से बढ़ी है। ग्रामीण परिवेश में शिक्षा को लेकर जागरूकता लाना उनका मुख्य मकसद है।

 

2010 में कॉलेज के समय से छात्र राजनीति शुरू करने वाले विश्वनाथ यादव ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। 2015 में मगध विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में सबसे अधिक मत पाकर विश्वविद्यालय प्रतिनिधि चुने गए। छात्र राजनीति में राजद को पहचान दिलाने में विश्वनाथ यादव का योगदान काफी है। विश्वनाथ यादव ने चुनाव जीतते ही विश्वविद्यालय में अनुशासन का पालन की चुनौतियों को पूरा किया। जिससे इनकी लोकप्रियता काफी हासिल हुई। विश्वनाथ यादव ने अंग्रेजी में स्नातकोत्तर किया और नोबेल अवार्ड विजेता रविंद्रनाथ टैगोर के साहित्य पर पीएचडी की उपाधि हासिल की। छात्र राजनीति में लगातार संघर्ष के कारण ही राजद का छात्र राजनीति में पहली बार पहचान मिली। विश्वनाथ यादव को राजनीति विरासत में मिली है। इनके पिता सुरेंद्र प्रसाद यादव 35 वर्षों से विधायक हैं और वे सांसद रहे हैं। संगठन के गुण इनके पिता से ही मिली है। विश्वनाथ यादव इस बात पर लगातार जोड़ देते रहे हैं कि छात्रों को अद्यतन तकनीकी का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं होना चाहिए। विश्वनाथ यादव का ग्रामीण परिवेश में पालन पोषण होने के कारण वहां की मूलभूत समस्या को समझते हैं। इसी कारण से पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इन्हे पहले युवा राजद के मगध प्रभारी नियुक्त किया उसके बाद राजद के प्रदेश महासचिव पद की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी दी। विश्वनाथ यादव ने मगध क्षेत्र में आज राजद के युवा संगठन को मजबूत तो किया ही है साथ ही युवाओं को उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर किया है। विश्वनाथ यादव का लक्ष्य है कि वंजित जनता को शिक्षित करना ताकि वे अपना हक ले सके। जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है उन्हें अपने हक के लिए तैयार करना। विश्वनाथ यादव संघर्ष को वरदान मानते हैं जिससे लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।