संसद में कांग्रेस की मुखर आवाज़: सुष्मिता देव

sushmita dev

लोकसभा में जीएसटी का मुद्दा हो, ट्रिपल तलाक़ हो या फिर नोटबंदी का, एक आवाज़ अक्सर विपक्ष की तरफ से वाजिब सवाल करते सुनाई पड़ती है. अपनी सधी हुई भाषा और आक्रामक अंदाज़ में ये जब सरकार पर अपने सवालों के तीर चलाती हैं तो अच्छे अच्छों की बोलती बंद कर देती हैं. ये आवाज़ है महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव की. सुष्मिता अक्सर लोकसभा में अपनी पार्टी की तरफ से विरोध की आवाज़ लगाती दिखती हैं.

अगर ये कहें कि राजनीति सुष्मिता के खून में है तो ये गलत नहीं होगा. 38 साल की सुष्मिता देव असम के एक राजनीतिक परिवार से आती हैं. उनके दादा सतिन्द्र मोहन देव स्वतंत्रता सेनानी थे. बाद में वे असम के स्वास्थ मंत्री बने और लंबे समय तक सिलचर म्यूनिसिपैलिटी बोर्ड के चेयरमैन भी रहे. सुष्मिता देव के पिता संतोष मोहन देव कांग्रेस पार्टी के प्रसिद्ध नेता और कैबिनेट मंत्री थे. वे सिलचर से 6 बार सांसद चुने गए थे और केंद्र में इस्पात मंत्री का ज़िम्मा संभाला था. संतोष मोहन देव का पिछले ही साल निधन हुआ है. सु्ष्मिता देव की मां भीतिका देव भी राजनीति में रही हैं. वह असम में विधायक भी चुनी गई थीं.

ज़ाहिर है राजनीति सुष्मिता को विरासत में मिली, जिसे आगे चलकर सुष्मिता ने संभाला. उन्होंने राजनीति की शुरुआत सिलचर म्यूनिसिपैलिटी से की थी. सिलचर म्यूनिसिपैलिटी असम का दूसरा सबसे बड़ा नगर निकाय है. वर्तमान में सुष्मिता देव असम में सिलचर से लोकसभा सांसद हैं. लोकसभा में वे काफ़ी मुखर रहती हैं. सुष्मिता महिलाओं के मुद्दों को बेहद संजीदगी से उठाती हैं. जीएसटी लागू होने के बाद उन्होंने महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड पर जीएसटी हटाने की मुहिम भी चलाई थी.

1993 में दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन करने के सुष्मिता ने लंदन से लॉ की पढ़ाई की. 1997 में सुष्मिता ने लंदन में थॉमस वैली यूनिवर्सिटी से लॉ में बैचलर की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने लंदन में ही किंग्स कॉलेज से कॉर्पोरेट लॉ में मास्टर्स की डिग्री ली. सुष्मिता दिल्ली बार काउंसिल की सदस्य भी हैं.

दिल्ली में सुष्मिता ने देव एंड एसोसिएशन नाम की एक लॉ फ़र्म डाली है. सुष्मिता में एक कुशल नेत्री के गुण बचपन से ही थे. दिल्ली में बैचलर डिग्री की पढ़ाई के दौरान वे कांग्रेस पार्टी के छात्र यूनियन एनएसयूआई में सक्रिय थीं. उन्होंने मिरांडा हाउस कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन का चुनाव भी लड़ा था. अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता और बेहतर दूरदर्शिता और वाकपटुता के चलते सुष्मिता को कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया था. युवा होने के कारण सुष्मिता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम का हिस्सा रही हैं. इन्हें राहुल गांधी का बेहद करीबी माना जाता है. सुष्मिता देव को लोकमत समूह द्वारा बेस्ट वुमन पार्लियामेंटेरियन 2016 अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. सुष्मिता को ये अवार्ड वर्ष 2016 के दौरान संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने और परंपराओं को कायम रखने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया है।

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