पेंचीदा मामलों को सुलझाने में माहिर हैं स्नेहलता श्रीवास्तव

Snehlata Srivastava

भारतीय सिविल सेवा का अधिकारी बनना जितना दुरूह है, उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है कि अपने सेवाकाल में अनुशासन और सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर जनहित के कार्य करना। बिरले ऐसे अधिकारी होते हैं, जिनमें यह गुण होता है। ऐसी ही अधिकारी हैं, 1985 बैच के मध्य प्रदेश काडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी स्नेहलता श्रीवास्तव, जिन्हें लोकसभा की पहली महिला महासचिव बनने का गौरव प्राप्त हुआ हैं। केंद्र सरकार के न्याय विभाग के सचिव पद पर कार्य कर चुकी हैं। स्नेहलता श्रीवास्तव वित्त विभाग में वित्तीय अनुशासन पर बेहतर कार्य करने के लिए जानी जाती हैं। अनुशासन, प्रतिबद्धता, जवाबदेही और सहकर्मियों के संग बेहतर सामंजस्य इनका चारित्रिक गुण है, जिसका हर कोई कायल है।

स्नेहलता श्रीवास्तव का जन्म मध्य प्रदेश के भोपाल में 18 सिंतबर 1957 को हुआ। पढ़ाई में शुरु से ही बेहद रूचि रखने वाली स्नेहलता श्रीवास्तव का अपार अनुभव है। भारतीय प्रशासनिक क्षेत्र के 30 वर्ष से अधिक के अपने कार्यक्षेत्र में स्नेहलता श्रीवास्तव ने विविध कार्य क्षेत्रों में काम किया है। जिनमें वित्त, दूरसंचार, राजमार्ग, राजस्व बहुपक्षीय बैंक अर्थात् विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक, विदेशी मुद्रा नियंत्रण, अमेरिका और कनाडा के संबंध दिवक्षीय सहयोग शामिल है। कृषि प्रबंधन में बेहतर कार्य करने का उनका अनुभव है। स्नेहलता श्रीवास्तव ने वित्त मंत्रालय और नाबार्ड में वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुकी हैं।

स्नेहलता श्रीवास्तव विदेशी प्रबंध अधिनियम (फेमा) बनाने के समय में बेहद अहम भूमिका निभाई थीं। जिसकी आज भी प्रशंसा की जाती है। उन्होंने मध्यप्रदेश में जिला मजिस्ट्रेट और उपडिवीजनल मजिस्ट्रेट के रूप में कानून और व्यवस्था से संबंधित कार्य करने के अलावा शिक्षा, खनन, भूमि प्रबंधन, बिजली और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी कार्य किया है। स्नेहलता श्रीवास्तव तीन वर्षों तक मध्य प्रदेश के वित्त विभाग के बजट निदेशक के पद पर कार्य कर चुकी हैं। सत्ता प्रतिष्ठान का अभिन्न अंग रहने के बावजूद स्नेहलता श्रीवास्तव की जीवनशैली बेहद सादा और उच्च विचारों वाली है।

स्नेहलता श्रीवास्तव लोकसभा के इतिहास में पहली बार है कि वे कोई महिला महासचिव बनी हैं। इससे पहले वे राज्यसभा में महासचिव रह चुकी हैं। राज्यसभा में बेहतर कार्य करने के लिए जानी जाती हैं। स्नेहलता श्रीवास्तव हाल ही में केंद सरकार के न्याय विभाग के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुई थी। उन्हें वित्त मंत्रालय और नाबार्ड में वरिष्ठ पदों पर कार्य करने का अनुभव है। वित्त मंत्रालय में विशेष सचिव पद पर कार्य कर चुकी हैं। खास बात यह है कि बजट तैयार करने में बेहद कठिन पेचिदिगियों को हल करने में महारथ हासिल है। उन्होंने मध्यप्रदेश में कला व संसदीय मामलों में प्रधान सचिव के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं। मध्यप्रदेश सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर रहते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। कृषि प्रबंधन पर बेहतर कार्य करने के लिए जानी जाती हैं। नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रुरल डेवलपमेंट में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिसका फायदा आज प्रदेश सरकारों को मिल रहा है। राज्यसभा में महासचिव रहते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जिसकी आज भी प्रशंसा की जाती है। स्नेह लता श्रीवास्तव की बेहतर तालमेल के साथ कार्य करने में महारथ हासिल है।

स्नेहलता श्रीवास्तव की राज्यसभा में महासचिव पद पर रहते हुए बेहतर तालमेल से कार्य के लिए जाना जाता है। स्नेहलता श्रीवास्तव की पहली प्राथमिकता लोकसभा में बेहतर कार्य हो इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। जिसके लिए वे सदा जानी जाती हैं। फेम इंडिया एशिया पोस्ट ने अपने ताजा सर्वे में उन्हें देश के प्रमुख प्रभावशाली नीति निर्माताओं में से पाया है।