ब्रह्मकुमारी शिवानी और सिस्टर शिवानी के नाम से मशहूर शिवानी वर्मा जानी-मानी अध्यात्मिक शिक्षिका और मोटिवेशनल स्पीकर हैं. दुनिया भर में करोड़ों लोग इनके फॉलोवर हैं. मानव कल्याण के लिए अपना सारा जीवन समर्पित कर देने वाली सिस्टर शिवानी प्रजापति ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय से अध्यात्म शिक्षिका के रूप में जुड़ी हुई हैं और लगभग 1995 से ब्रह्मा कुमारी विश्व आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की सदस्य हैं। ये अपने प्रवचनों द्वारा लोगों को अध्यात्म से जुड़कर अपने जीवन को बेहतर बनाने और मानव कल्याण के लिए प्रेरित करती हैं.

ब्रह्मकुमारी शिवानीजी पब्लिक सेमिनार और टेलीविज़न कार्यक्रमों के ज़रिये मोटिवेशनल कोर्सेज चलाती हैं. साल 2007 में संस्कार चैनल पर रोज़ प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘अवेकनिंग विद ब्रह्मकुमारीज़’ में लीडिंग रोल के चलते शिवानीजी की लोकप्रियता भारत में बढ़ी और देखते ही देखते करोड़ों लोग इनके अनुयायी बन गये. अपनी मधुर आवाज़ में शिवानीजी जिस प्रभावशाली तरीके से सुखी जीवन जीने के गुर बताती हैं वो किसी भी व्यक्ति को एक बार सोचने के लिए विवश ज़रूर करता है. शिवानीजी लोगों को जीवन जीने की कला सिखाती हैं. शिवानीजी का विश्वास कर्म में है. उनके अनुसार हमारे कर्मों का नतीजा हमें और हमारे परिजनों को ज़रूर मिलता है इसलिए भाग्य से ज्यादा कर्म पर विश्वास करें. वो कहती हैं-” अगर भगवान् हमारा भाग्य लिखते तो वो सबसे बढ़िया भाग्य होता। हमारा भाग्य हमारे कर्म, हमारी मुक्त इच्छा द्वारा निर्मित होता है। भगवान् की इच्छा से नहीं।”

ब्रह्मकुमारी शिवानीजी का जन्म 19 मार्च, 1972 को पुणे शहर में हुआ। उन्होंने 1994 में पुणे विश्वविद्यालय से  इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री ली है. ग्रेजुएशन में वे गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं. उन्होंने भारतीय  विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे में बतौर प्राध्यापक दो साल तक काम किया। शिवानीजी कहती हैं कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई ने हमेशा लॉजिकल तरीके से सोचने में मदद की. शिवानीजी के माता-पिता ब्रह्मकुमारीज़ को मानते थे. लेकिन शुरुआत में शिवानी जी की इसमें कोई रूचि नहीं थी. 23 साल की उम्र में उन्होंने दो हफ्ते में एक बार ब्रह्मकुमारीज़ के प्रवचनों में जाना शुरू कर दिया.

यहीं से शिवानीजी का ब्रह्मकुमारीज़ की तरफ झुकाव हुआ और उन्होंने ब्रह्मकुमारीज़ के टीवी प्रेजेंटेशन का बैकस्टेज काम देखना शुरू कर दिया. इस कार्यक्रमों में ब्रह्मकुमारीज़ के सीनियर शिक्षक-शिक्षिका अपने प्रवचन रिकॉर्ड करते थे. साल 2007 में शिक्षकों के व्यस्त होने के चलते शिवानीजी से दर्शकों के समस्याओं का समाधान करने को कहा गया. यहीं से एक नए शो की शरुआत हुई ‘अवेकनिंग विद ब्रह्मकुमारीज़’, जिसमें को-होस्ट कनुप्रिया ने ब्रह्मकुमारी शिवानीजी का इंटरव्यू लिया. बाद में ये शो अभिनेता सुरेश ओबरॉय द्वारा होस्ट किया गया.अभिनेता सुरेश ओबरॉय के साथ बातचीत की इस टीवी सीरीज को साल 2015 में हैप्पीनेस अनलिमिटेड: ‘अवेकनिंग विद ब्रह्मकुमारीज़’ नाम की किताब में संकलित भी किया गया.

ब्रह्मकुमारी शिवानीजी भारत और विदेश में अंग दान से लेकर पैरेंटिंग पर आयोजित चैरिटेबल इवेंट्स में हिस्सा लेती हैं.अभिनेता सुरेश ओबरॉय के साथ शिवानीजी वर्ल्ड साईंकैट्रिक एसोसिएशन की गुडविल एमबेसडर भी हैं.

2014 में, उन्हें एसोचैम लेडीज़ लीग द्वारा “आध्यात्मिक चेतना को सशक्त बनाने में उत्कृष्टता के लिए” द वुमन ऑफ़ डिकेड अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

शक्तिशाली नारी शक्ति के इस सर्वे में फेम इंडिया मैगजीन – एशिया पोस्ट ने नॉमिनेशन में आये 300 नामों को विभिन्न मानदंडों पर कसा , जिसमें सर्वे में सामाजिक स्थिति, प्रतिष्ठा, देश की आर्थिक व राजनीतिक व्यवस्था पर प्रभाव, छवि, उद्देश्य और प्रयास जैसे दस मानदंडों को आधार बना कर किये गये स्टेकहोल्ड सर्वे में ब्रह्मकुमारी संस्थान की शिवानी जी  चौथे स्थान पर हैं |