ग्रामीण विकास के क्रांतिकारी योजनाकार हैं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शशि शेखर शर्मा

1985 बैच के आइएएस ऑफिसर शशि शेखर शर्मा मूलत: भागलपुर के रहने वाले हैं। शशि शेखर अग्रेजी से पोस्ट ग्रैजुएट हैं। वर्तमान में शशि शेखर शर्मा महानिदेशक, लोक प्रशासन एवम् ग्रामीण विकास संस्थान के पद पर पदस्थापित हैं। इससे पूर्व शशि शेखर राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में अपनी पदस्थापना के दौरान महत्वपूर्ण फैसले लेकर और उनको कार्यान्वयित कर अपनी योग्यता से अवगत करा चुके हैं। पशु एवम् मत्स्य विभाग के प्रमुख सचिव के तौर पर शशि शेखर शर्मा ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिससे वैसे सभी परिवार जिनकी आजीविका पशु एवम् मत्स्य से जुड़े व्यवसाय पर आधारित थी उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ। पशु आहार की खरीदारी पर सरकार द्वारा अनुदान की व्यवस्था करना, देशी नस्ल के पशुओं के संरक्षण पर ध्यान देना ना कि सिर्फ विदेशी नस्ल के पशुओं पर आश्रित रहना, एवम् राज्य में पशु चिकित्सालयों की स्थिति में सुधार करना जैसे कार्य प्रमुख हैं। पशु एवम् मत्स्य विभाग के प्रमुख सचिव से पहले शशि शेखर नगर एवम् आवास विकास विभाग के प्रमुख सचिव रहे। इस विभाग के प्रमुख सचिव के तौर पर शशि शेखर सिटी डेवपलपमेंट प्लान पर विशेष जोर दिए। नगर निकायों में वित्तीय प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए ई-पेमेंट की व्यवस्था की गई और पूरे सिस्टम को कम्प्यूटरीकृत किया गया। शशि शेखर शर्मा पंचायती राज और परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव भी रह चुके हैं। शर्मा परिवहन विभाग में परिवहन आयुक्त भी रह चुके हैं। वर्तमान में महानिदेशक, लोक प्रशासन एवम् ग्रामीण विकास संस्थान, पटना के पद पर पदस्थापित होने से पहले शशि शेखर शर्मा राज्य योजना परिषद के परामर्शी थे। बिपार्ड के प्रमुख सचिव शशि शेखर शर्मा का मानना है कि प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को समझना चाहिए कि वह समाज की सेवा के लिए हैं। यदि इस नजरिये को अपना लिया जाये तो आपदा प्रबंधन एक सरल विषय हो जायेगा। ऐसे में बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों की भूमिका किसी भी आपदा के समय बड़ी हो जाती है। शशि शेखर शर्मा बुरी तरह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पॉलीथीन, चूड़ा, गुड़, चना, मोमबत्ती, दियासलाई एवं फूड पैकेट जैसे रोजमर्रा की जरुरत के सामानों को समय पर वितरित करवा, बहुत हद तक जनता की मुसीबत कम करने में कामायाब रहे। राज्य में बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों को प्रशासन की रीढ़ माना जाता है, ऐसे में प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों का आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं क्षमता विकास पर प्रशिक्षण आवश्यक हो जाता है। इसके लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) और यूनिसेफ  संयुक्त रूप से आपदा जोखिम  घटाने और इस संबंध में अधिकारियों की क्षमता  को बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

फेम इंडिया मैगजीन-एशिया पोस्ट सर्वे के ‘असरदार आईएएस 2018’ के सर्वे में विभिन्न पैरामीटर में की गई रेटिंग में शशि शेखर शर्मा को प्रमुख स्थान पर पाया है।