मीडिया की हर विधा में जोश भरने में माहिर हैं संजय गुप्ता (फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2018)

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सुबह-सुबह की अख़बार की बात हो और दैनिक जागरण की चर्चा न हो, यह नामुमकिन सी बात लगती है। देश का सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले हिन्दी अखबारों में से एक जागरण अपने अलग अंदाज और खबरों को परोसने की अपनी विशिष्ट शैली की वजह से प्रिंट मीडिया की दुनिया में अग्रणी है। इस अखबार के इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे किसी एक शख्स का हाथ है तो वे हैं संजय गुप्ता। विज्ञान में स्नातक संजय गुप्ता का 32 साल का लंबा मीडिया का अनुभव उनके कार्यशैली में साफ-साफ देखा जा सकता है।

संजय गुप्ता को न सिर्फ दैनिक जागरण अखबार को एक नयी ऊंचाई तक पहुंचाने के लिये जाना जाता है बल्कि उन्हे इस ग्रुप का बहुायामी विस्तार करने का मास्टर माइंड भी माना जाता है। जागरण समूह ने वर्ष 2010 में मिड डे का और वर्ष 2012 में नई दुनिया अख़बार का अधिग्रहण कर अपने बेड़े को और विस्तार दिया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी संजय गुप्ता ने एक अहम स्थान बनाया जे-7 चैनल की शुरुआत कर के। ये चैनल वर्तमान में IBN-7 के नाम से जाना जाता है और नेटवर्क 18 के साथ भागीदारी में चल रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह ने नेटवर्क-18 का अधिग्रहण किया है।

जागरण समूह पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वालों के प्रशिक्षण के लिये नोएडा से एक मीडिया शिक्षण संस्थान का संचालन भी करता है। ऑनलाइन मीडिया स्पेस में जागरण जोश और अन्य अलग अलग विषयों पर आधारित न्यूज़ पोर्टल्स सफलता पूर्वक चल रहे हैं। संजय गुप्ता के दिशा-निर्देशन पर कानपुर संस्करण के एक दिन के संपादक फिल्म अभिनेता आमिर खान को बना कर जागरण समूह ने बड़ी सुर्खियां बटोरी थीं। जागरण फिल्म फेस्टिवल भी देश के बहु चर्चित आयोजनों में से एक है।

किसी मीडिया घराने में संजय गुप्ता पहले ऐसे सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ने के आह्वान पर पहल करते हुए आगे बढ़ कर सब्सिडी छोड़ दी थी। इतना ही नहीं संजय गुप्ता और जागरण ने पहल करते हुए उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में आयी प्राकृतिक आपदा पर प्रधानमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता दान में दी। विभिन अन्य मौकों पर भी संजय गुप्ता ने समूह के साथ जुड़ी सफलता पर बोलते हुए कहा है कि सामाजिक कारण, कौशल विकास और सकारात्मक सोच किसी भी मीडिया संस्थान के आधार होते हैं। इससे यह पता चलता है कि संजय गुप्ता धनी होने के साथ ही एक सुलझे हुए व्यक्तित्व के इंसान हैं और अपनी टीम के हर व्यक्ति को सम्मान देते हुए काम करने में यकीन रखते हैं।

संजय गुप्ता की सोच का ही परिणाम है कि जागरण समूह निरन्तर क्रिएटिव पेशेवरों के अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का मुकाबला परिकल्पना, लेखन और डिजायन के परंपरागत साधनों, कार्यक्रमों और उभरती तकनीक से जुड़ कर कर पा रहा है। उनके व्यक्तिव की एक और विशेषता है जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती है वह है सर्वाजनिक मंचों पर उनका हमेशा कहना कि मीडिया में तेजी से बदलाव आ रहा है। दैनिक जागरण की टीम ने ज्ञानपूर्ण और तथ्यपरक कटेंट देने की साख जो बनायी है। उन्होंने अपने दादा स्व. पूरण चंद गुप्ता और पिता स्व. नरेंद्र मोहन से सीखा है।

संजय गुप्ता को वर्ष 2016 के इंडियन एडवर्टाइजिंग एसोसिएशन (आईएए) के ‘एडीटर ऑफ द इयर’ पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 2017 में भी अवार्ड जीतने का एक भी मौका संजय गुप्ता और दैनिक जागरण टीम ने जाने नहीं दिया जिसमें इंडियन एडवर्टाइजिंग एसोसिएशन (आईएए) के ‘एडीटर ऑफ द इयर’ पुरस्कार और इंटरनैशनल न्यूज मीडिया एसोसिएशन (आईएनएमए) की तरफ से ग्लोबल मीडिया अवार्ड से सम्मानित किया गया है, जो मीडिया में दर्शकों,राजस्व और ब्रांड को बढ़ाने के लिए नये प्रयोगों में सर्वश्रेष्ठ होने पर दिया जाता है।जागरण की तरह से संजय को यह सम्मान मई में लंदन में एक रंगारंग कार्यक्रम में दिया गया। ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (आइमा) की ओर से ‘आउटस्टेंडिंग कंट्रीब्यूशन टू मीडिया’ श्रेणी में उल्लेखनीय योगदान का अवार्ड लेने का श्रेय भी संजय गुप्ता के नाम है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जागरण समूह ने 19 अवार्ड अपने नाम किया है। इस साल की शुरुआत से अब तक जागरण समूह अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय मिला कर 48 अवार्ड्स अपने नाम कर चुका है।जो भारतीय मीडिया में एक अलग ही कहानी है।

फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2018 में संजय गुप्ता को भारतीय मीडिया के एक प्रमुख सरताज के तौर पर पाया गया है।