युवा, जोश से भरपूर और जनता के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून रखने वाले ऑफिसर हैं संजय अग्रवाल

बिहार के किशनगंज के रहनेवाले 2002 बैच के ऑफिसर संजय अग्रवाल प्रशासनिक सेवा के क्षेत्र में तेज तर्रार, अनुशासनप्रिय और किसी भी काम को तय समय सीमा में करनेवाले अधिकारी के तौर पर जाने जाते हैं। सादगी इनकी पहचान है, लोगो की परेशानी देखकर खुद परेशान हो जाते हैं और उसे दूर करने के उपाय में लग जाते हैं। संजय गया, जहानाबाद और अरवल जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के काम में तेजी लाए और नक्सल समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्र गया में हिंसा रहित शांतिपूर्ण मतदान कराये। बिहार में पहली बार ऑल वुमेन पोलिंग स्टेशन की शुरूआत की थी, जिसमें मतदान केन्द्र के सभी पदों पर महिलाएं ही कार्यरत थीं। महिला सशक्तिकरण मॉडल के इस सराहनीय प्रयास के लिए संजय कुमार अग्रवाल को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने सम्मानित किया था। समाज में जागरुकता लाने के मकसद से सभी सरकारी पदाधिकारियों और कर्मचारियों से वर्ष में एकबार रक्तदान करवाया। हमेशा एक नई राह बनाकर उसपर काम करने की आदत संजय अग्रवाल की स्वभाव का एक खास पहलू है। अपने इसी अंदाज में एकबार स्वयं क्लर्क  की कुर्सी पर बैठकर काम कर अपने अधिनस्थों को अपने कार्य शैली में सुधार लाने के लिए प्रेरित किये। शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए, समाज में अच्छे कार्य करने वाले लोगो को प्रेरणादूत सम्मान से सम्मानित किया, ताकि उनके जीवन से आमलोग शिक्षा ले सकें। बाढ़ के समय बाढ़ पीड़ितों के साथ बैठकर भोजन करना इनकी संवेदनशीलता का परिचायक है। युवाओं के लिए रोल मॉडल प्रस्तुत करना और समय-समय पर युवाओं की करियर काउन्सलिंग करना संजय अग्रवाल की हॉबी है। पटना के जिलाधिकारी के तौर पर संजय अग्रवाल ने शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए स्कूलों में सी.सी.टीवी कैमरे लगवाए, वेबसाइट और एस.एम.एस सुविधा को अपडेट करवाया। ग्रामीण क्षेत्रों से वैसे गरीब बुजुर्ग जिन्हे दिखाई नहीं देता उनको सरकारी वाहन से शहर में लाकर मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवा घर वापस पहुंचाना। ऐसे कई सुधारवादी कार्य हैं, जिनको अपने कार्यकाल में कर पटना के जिलाधिकारी के तौर पर संजय अग्रवाल पटनावासियों के दिल में अपने लिए खास जगह बनाये हैं। वर्ष 2016-17 में प्रकाशपर्व के अवसर पर दो आयोजन करवाकर बिहार के प्रतिष्ठा और गौरव को चार चांद लगवाये। संजय की सफलता में उनकी कार्यशैली, जनता का सहयोग और उनके परिवार का बड़ा रोल है। एक आइएएस ऑफिसर के तौर पर संजय के जीवन का उद्देश्य है, बिहार के विकास को तेज करना और जनता की तकलीफों को कम करना।

फेम इंडिया मैगजीन-एशिया पोस्ट सर्वे के ‘असरदार आईएएस 2018’ के सर्वे में विभिन्न पैरामीटर में की गई रेटिंग में संजय अग्रवाल को प्रमुख स्थान पर पाया है।