सफलता और सेवा की स्वर्णिम गाथा: रोशनी नाडर

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कुछ लोग अपनी कामयाबियों से बार-बार अपनी काबिलियत का सबूत देते हैं. ऐसी ही शख्सियत हैं एचसीएल ग्रुप के शिव नाडर की इकलौती बेटी रोशनी नाडर. 27 साल की उम्र में एचसीएल की सीईओ बन गयीं और तब सवाल ये उठा कि पिता की कंपनी में सीईओ बन जाना कोई उपलब्धि नहीं है . लेकिन रोशनी अपने रास्ते पर चलती रहीं और 2017 में दुनिया की प्रतिष्ठित पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया की 100 ताकतवर महिलाओं की सूची में उन्हें 57वां स्थान दिया. कामयाबी का ये वो बुलंद पड़ाव था जिसका लोहा दुनिया को मानना पड़ा.

रोशनी की स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। इसके बाद रोशनी ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से मीडिया में ग्रेजुएशन किया। इसी दौरान उन्होंने सीएनबीसी चैनल में बतौर इन्टर्न काम किया और ग्रेजुएशन के बाद स्काई न्यूज के लंदन ऑफिस में नौकरी  की. लेकिन पिता के कहने पर उन्होंने ये जॉब छोड़ दी. इसके बाद इन्होंने केल्लोग ग्रैजुएट स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से सोशल इंटरप्राइज मैनेजमेंट एंड स्ट्रेटजी से एमबीए किया। अक्टूबर 2008 में रोशनी विदेश से इंडिया लौट आईं और अपने पिता के एचसीएल कॉर्पोरेशन से जुड़ गईं। अप्रैल 2009 में सिर्फ 27 साल की उम्र में रोशनी नाडर एचसीएल कॉर्पोरेशन की सीइओ और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बन गईं।

टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और इन्फोसिस्टम के लिए काम करने वाली मशहूर कंपनी एचसीएल की मार्केट वैल्यू आज करीब 48 हजार करोड़ रुपए (7.5 बिलियन डॉलर) है. एचसीएल टेक्नोलॉजी के सभी स्ट्रैटजिक फैसले रोशनी ही लेती हैं.

रोशनी नाडर शिव नाडर फाउंडेशन की ट्रस्टी भी हैं और यह संता भारत के साथ विदेशों में भी शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है. इस फाउंडेशन के भारत में कुछ टॉप स्कूल-कॉलेज हैं और  ग्रेटर नोएडा में एक बड़ी यूनिवर्सिटी भी है. शिव नाडर फाउंडेशन की ट्रस्टी होने के नाते फाउंडेशन की रणनीति और लॉन्ग टर्म रोडमैप रोशनी खुद बनाती हैं.

रोशनी को एनडीटीवी बेस्ट फिलान्थ्रोपिस्ट ऑफ द ईयर 2014 और वॉग इंडिया फिलान्थ्रोपिस्ट ऑफ द ईयर 2017 के अवार्ड से भी नवाज़ा जा चुका है. रोशनी को ये पुरस्कार समाजसेवा और शिव नाडर फाउंडेशन की ओर से की जाने वाली शैक्षिक पहल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए मिले हैं.

रोशनी विद्याज्ञान की चेयरमैन और प्रेरणा शक्ति भी हैं. विद्याज्ञान एक ऐसी लीडरशिप अकादमी है जो गाँव के मेधावी, साधनों से वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान कराती है ताकि वे भविष्य के नेता बन सकें और अपने समुदायों, गांवों और राष्ट्र के लिए परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकें. इस कार्यक्रम के माध्यम से रोशनी उत्तरप्रदेश के गाँवों में रहने वाले हज़ारों बच्चों के जीवन में ज्ञान की रोशनी फैला रहीं हैं.

रोशनी विश्व आर्थिक मंच के एक युवा ग्लोबल लीडर भी हैं. रोशनी नाडर को वर्ष 2015 में वर्ल्ड समिट ऑन इनोवेशन एंड इंटरप्रेनुएरशिप (WSIE) द्वारा  ‘द वर्ल्डस मोस्ट इनोवेटिव पीपल’ अवार्ड से भी सम्मानित किया गया. साल 2016 में भारत की लीडिंग बिज़नेस मैगजीत बिज़नेस टुडे ने रोशनी को मोस्ट पावरफुल वीमेन इन इंडिया में फीचर किया था. 2017 में रोशनी नाडर को बैबसन कॉलेज द्वारा लेविस इंस्टिट्यूट 2017 कम्युनिटी चेंजमेकर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया. रोशनी ने शिखर मल्होत्रा से शादी की है और दो बेटों की माँ हैं.

शक्तिशाली नारी शक्ति के इस सर्वे में फेम इंडिया मैगजीन – एशिया पोस्ट ने नॉमिनेशन में आये 300 नामों को विभिन्न मानदंडों पर कसा , जिसमें सर्वे में सामाजिक स्थिति, प्रतिष्ठा, देश की आर्थिक व राजनीतिक व्यवस्था पर प्रभाव, छवि, उद्देश्य और प्रयास जैसे दस मानदंडों को आधार बना कर किये गये स्टेकहोल्ड सर्वे में एचसीएल कॉर्पोरेशन की सीईओ रोशनी नाडर अट्ठारहवें स्थान पर हैं |