डीरेल गाड़ी को पटरी पर लाने में माहिर ऑफिसर हैं रजनीश कुमार महाजन

1987 बैच के आइएएस ऑफिसर रजनीश कुमार महाजन हिमाचल प्रदेश के रहनेवाले हैं। रजनीश बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। एक बहुत ही कुशल प्रशासक के तौर पर रजनीश कुमार महाजन की कार्य शैली, हर मुश्किल कार्य को पुरा करने में इनकी मदद करती है। अपनी इसी विशेषता के कारण रजनीश कुमार 2004 से 2011 तक केंद्र की प्रतिनियुक्ति पर रहे। वर्ष 2011 में परिवहन विभाग के सचिव के तौर पर रजनीश कुमार अपने होम कैडर बिहार वापस आए। परिवहन विभाग में रजनीश कुमार ने आमूलचूल परिवर्तन कर, राज्य की परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य किया। पटना, गया, मुजफ्परपुर में नगर बस सेवा शुरु कराया। इसके फलस्वरुप परिवहन विभाग से सरकारी खाते में आनेवाले रेवेन्यू में काफी बढ़ोत्तरी हुई। राज्य के सभी जिलों के परिवहन कार्यालय में कम्प्यूटर की व्यवस्था कर नई टेक्नोलॉजी से जोड़ा। साथ ही साथ परिवहन विभाग में कर भुगतान के लिए ई-पेमेंट की व्यवस्था कर भुगतान की प्रकिया को आसान बनाया। परिवहन विभाग में हो रहे सुधार के मद्देनजर रजनीश कुमार को परिवहन विभाग का प्रमुख सचिव बना दिया गया। अंतर्राज्यीय परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाते हुए बिहार और झारखंड के बीच 92 वॉल्वो बसें चलवाईं। पहली बार नावों की निबंधन की व्यवस्था करवाई ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना हो या अन्य कोई समस्या आए तो उसका आसानी से निवारण हो सकें। रजनीश कुमार के कार्यशैली से प्रभावित होकर इनको 2015 में शिक्षा विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया। यहां भी रजनीश कुमार सरकार को निराश नहीं किए। बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले, 3.5 लाख स्कूली शिक्षकों के हड़ताल को बहुत ही अच्छे ढंग से सूझबूझ के साथ, शिक्षकों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर सुलह करवाई। वर्तमान में रजनीश कुमार स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव हैं। राज्य में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है ऐसे में अस्पतालों में नशा मुक्ति विभाग की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अपने सख्त और अनुशासित कामकाज के लिए मशहूर रजनीश कुमार महाजन, नशा मुक्ति केंद्र में सभी तरह के नशा करने वालों का उपचार हो ऐसी व्यवस्था पर जोर दे रहे हैं। राज्य में अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि 50 से 200 ऑक्सिजन सिलेंडर हमेशा अस्पताल में मौजूद होना चाहिए, ताकि समय रहते मरीजों की प्राणरक्षा हो सके। मरीजों के हित में एक और निर्णय लिया गया है; अब ब्लड बैंक में रखे गए खून को अधिक से अधिक 35 दिन के अंदर उपयोग कर लेना होगा। इससे ज्यादा पुराना ब्लड मरीजों को चढ़ाना वर्जित होगा। स्वास्थ्य सेवा को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए बिहार मेडिकल सर्विस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा अस्पतालाओं में दवा की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए समय पर सप्लाई की व्यवस्था की गई है।

फेम इंडिया मैगजीन-एशिया पोस्ट सर्वे के ‘असरदार आईएएस 2018’ के सर्वे में विभिन्न पैरामीटर में की गई रेटिंग में रजनिश कुमार महाजन को प्रमुख स्थान पर पाया है।