देश की रक्षा की प्रथम शक्ति: निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण भारत की राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम है. देश की तीनों जल,थल और वायु सेना की कमान इस वक़्त इन्हीं के हाथों में है. निर्मला सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के बाद दूसरी महिला रक्षा मंत्री और पहली पूर्ण सामायिक महिला रक्षा मंत्री हैं. सितंबर 2017 में रक्षा मंत्री बनने से पहले वे भारत की वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) तथा वित्त व कॉर्पोरेट मामलों की राज्य मंत्री रह चुकी हैं। वे बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुकी हैं।

निर्मला सीतारमण का जन्म 18 अगस्त 1959 में तमिलनाडु के मदुरई में एक ब्राम्हण परिवार में हुआ था. इनके पिता नारायण सीतारमण रेलवे में नौकरी करते थे और सावित्री देवी गृहिणी हैं. अपने पिता से अनुशासन और माँ से किताबों के लिए प्रेम निर्मला को विरासत में मिला. इन्हें बचपन से ही देश की राजनीतिक व्यवस्था को समझने की ललक थी. इन्होंने तिरुचिरापल्ली के सीतालक्ष्मी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की. इसके बाद इन्होंने जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय से साल 1980 में इकोनॉमिक्स में एमए की डिग्री हासिल की. इसके बाद यहीं से एमफिल भी किया. यहीं इनकी मुलाकात पराकाला प्रभाकर से हुई जिनसे साल 1986 में शादी करके निर्मला लन्दन चली गयीं. डॉ. प्रभाकर कांग्रेसी परिवार से थे जबकि निर्मला का झुकाव भारतीय जनता पार्टी की ओर था. 1991 में निर्मला सीतारमण और डॉ प्रभाकर भारत लौट आये और बेटी होने के बाद हैदराबाद में सेटल हो गये.

निर्मला सीतारमण ने अपने करियर की शुरुआत प्राइसवाटरहाउस कूपर में सीनियर मैनेजर के रूप में की. इसके बाद इन्हें बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में काम करने का भी मौका मिला. ये हैदराबाद के प्रणव स्कूल के संस्थापकों में से एक हैं और ‘नेशनल कमीशन ऑफ़ वीमेन’ की सदस्य भी रह चुकी हैं.

साल 2006 में निर्मला सीतारमण भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं. इसके एक वर्ष बाद इनके पति डॉ परकाला प्रभाकर वर्ष 2007 में फ़िल्म स्टार चिरंजीवी की पार्टी में शामिल हुए. जिस समय नितिन गडकरी पार्टी अध्यक्ष हुए, उस समय निर्मला को पार्टी के छः प्रवक्ताओं के बीच जगह दी गयी. इन्हें वर्ष 2010 में भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रवक्ता बनाया. इसके बाद से ही ये कई टीवी डिबेट में पार्टी की तरफ से भाग लेने लगीं और सुर्ख़ियों में रहने लगीं. इस समय भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता के रूप में इन्हें नरेन्द्र मोदी शासित गुजरात में काफ़ी नाम मिला. इसके बाद ये दिल्ली में पार्टी प्रवक्ता के रूप में खूब लोकप्रिय हुईं. एक सक्षम प्रवक्ता के रूप में निर्मला सीतारमण वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के लिए काफ़ी बेहतर साबित हुईं. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को भारी मतों से विजय प्राप्त हुई और पार्टी ने केंद्र में अपना सरकार बनाई.

इस चुनाव में भाजपा के जीतने के इन्हें वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) तथा वित्त व कॉर्पोरेट मामलों की राज्य मंत्री बनाया गया. 29 मई 2016 में भारतीय जनता पार्टी के 12 उम्मीदवारों की सूची में निर्मला एक थीं, जो राज्यसभा चुनाव लड़ने वाले थे. यह राज्यसभा चुनाव इसी वर्ष 11 जून को होने वाले थे. इन्हें इस चुनाव में कर्नाटक की तरफ से जीत मिली. इसके बाद सितम्बर 2017 में मोदी कैबिनेट रिशफल के बाद निर्मला सीतारमण देश की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षामंत्री नियुक्त की गयीं.

राजनीति से परे निर्मला सीतारमण एक बहुत अच्छी पाठक हैं. इन्हें किताबें पढ़ना बहुत पसंद है, इसके अलावा इन्हें भारतीय शास्त्रीय संगीत में भी काफ़ी रुचि हैं. ये अपने परिवार को भी समय देती हैं और अपने राजनीतिक जिम्मेदारियां भी अच्छे से निभाती हैं. निर्मला सीतारमण ने अपने करियर और परिवार दोनों में काफ़ी बेहतर संतुलन बनाया है.

शक्तिशाली नारी शक्ति के इस सर्वे में फेम इंडिया मैगजीन – एशिया पोस्ट ने नॉमिनेशन में आये 300 नामों को विभिन्न मानदंडों पर कसा , जिसमें सर्वे में सामाजिक स्थिति, प्रतिष्ठा, देश की आर्थिक व राजनीतिक व्यवस्था पर प्रभाव, छवि, उद्देश्य और प्रयास जैसे दस मानदंडों को आधार बना कर किये गये स्टेकहोल्ड सर्वे में देश की रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण दूसरे स्थान पर हैं |