बैंकिंग और बिज़नेस की बेहतरीन लीडर: नैना लाल किदवई

इनकी उपलब्धियां इनकी कड़ी मेहनत की कहानियाँ खुद सुनाती हैं. तेज़ दिमाग, कुशल नेतृत्व क्षमता, बेहतरीन कम्युनिकेटर  और हमेशा आत्मविश्वास से लबरेज़ …. ऐसी बहुमुखी व्यक्तित्व वाली देश की नामी बैंकर नैना लाल किदवई अपने प्रोफेशन के लोगों के लिए एक मिसाल हैं. वे एचएसबीसी बैंक की ग्रुप जनरल मैनेजर और कंट्री हेड रही हैं. अपने प्रोफेशनल सफर के दौरान नैना कई ऐसे मुकामों तक पहुँचीं जहाँ तक पहुंचने वाली वे पहली रहीं. जैसे नैना हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से स्नातक करने वाली पहली भारतीय महिला रहीं हैं. वे उन पहली तीन महिलाओं में से एक थीं, जिन्हें प्राइसवाटरहाउस (कूपर्स) ने रिक्रूट किया और वे फिक्की की पहली महिला अध्यक्ष रही हैं. साथ ही वे किसी विदेशी बैंक का भारत में संचालन करने वाली पहली महिला हैं.

नैनालाल किदवई का जन्म साल 1957 में एक पंजाबी खत्री परिवार में हुआ था. इनके पिता सुरिंदर लाल एक बीमा कंपनी में सीईओ थे. नैना जब छोटी थीं, घंटों अपने पिता के साथ कोलकाता के स्टॉक एक्सचेंज के ट्रेडिंग रूम में बिताती थीं. हाई फाइनेंस का सुपरसोनिक संसार नैना को बहुत आकर्षित करता था. बड़े टेलीविज़न सेटों पर स्क्रॉल करते न्यूज़ टिकर, चमकते ट्रेडिंग स्क्रीन्स पर तेजी से बदलते नंबर, एक बार में लाखों का लेन-देन ये सब नैना को बहुत लुभाते थे. सीखने और जीतने की ललक उनमें बचपन से थी. उन्होंने हमेशा अपनी क्लास में टॉप किया, खेलों में चैंपियन रहीं और अपने स्कूल की कप्तान भी रहीं. अपनी शुरूआती पढ़ाई शिमला करने के बाद उन्होंने डीयू से इकोनोमिक्स में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने यूएस जाकर हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एम.बी.ए. करने का फैसला लिया. वे चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं.

एमबीए करने के बाद नैना को यूएस में नौकरी के कई ऑफर मिले लेकिन नैना ने भारत आकर नौकरी  करने का फैसला किया. उन्होंने एएनजेड ग्रिंडलेस के इन्वेस्टमेंट बैंकिंग डिवीज़न से अपने करियर की शुरुआत की. मोर्गन स्टेनले और जे एम मोर्गन स्टेनले, स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक, इन्वेस्टमेंट बैंक इंडिया और प्राइसवाटर हाउस कूपर्स में भी काम किया.

इसके बाद वो एचएसबीसी से जुड़ीं. अपनी  मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर नैना एचएसबीसी बैंक में एक के बाद एक नए मुकाम हासिल करती रहीं. ‘न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज’ पर प्रसिद्ध भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी ‘विप्रो’ की लिस्टिंग में भी उनका अहम योगदान रहा।

वर्तमान में नैनालाल  मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की चेयरमैन हैं. साथ ही एचएसबीसी एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और एचएसबीसी इंवेस्ट डायरेक्ट (इंडिया) लिमिटेड  में भी बतौर चेयरमैन अपनी सेवाएं दे रही हैं. इसके अलावा नैना नेस्ले एसए के बोर्ड की गैर-कार्यकारी निदेशक, सिटी ऑफ़ लंदन्स काउंसिल फॉर इंडिया की चेयरवुमन और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की ग्लोबल एडवाइजर हैं. वे  एनसीएईआर के गवर्निंग बोर्ड और कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ़ इंडिया के ऑडिट एडवाइजरी बोर्ड में शामिल हैं. वे सीआईआई और फिक्की की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति में भी हैं।

देश के आर्थिक परिदृश्य और अर्थव्यवस्था में उनके महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए नैना को अनेकों पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। प्रसिद्ध पत्रिका ‘फोर्ब्स’ ने उन्हें 2000 से 2003 तक दुनिया की शीर्ष 50 कॉरपोरेट महिलाओं में शामिल किया. फार्च्यून ने उन्हें एशिया की तीसरी बिजनेस वुमन का खिताब दिया. ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने 2006 में ग्लोबल वुमेन लिस्ट में शामिल किया. साल 2007 में  भारत सरकार उन्हें पद्मश्री से सम्मानित कर चुकी है।

नैना के पति राशिद किदवई हैं जो ‘ग्रासरूट ट्रेडिंग नेटवर्क फॉर वीमेन’ नामक एक एनजीओ चलाते हैं। वे दो बच्चों की माँ हैं और संयुक्त परिवार में रहती हैं। नैना को भारतीय शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी संगीत पसंद  है। साथ में उन्हें ट्रेकिंग का भी शौक है.

शक्तिशाली नारी शक्ति के इस सर्वे में फेम इंडिया मैगजीन – एशिया पोस्ट ने नॉमिनेशन में आये 300 नामों को विभिन्न मानदंडों पर कसा , जिसमें सर्वे में सामाजिक स्थिति, प्रतिष्ठा, देश की आर्थिक व राजनीतिक व्यवस्था पर प्रभाव, छवि, उद्देश्य और प्रयास जैसे दस मानदंडों को आधार बना कर किये गये स्टेकहोल्ड सर्वे में मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड,एचएसबीसी एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड ,एचएसबीसी इंवेस्ट डायरेक्ट की चेयरपर्सन नैना लाल किदवई को छठे स्थान पर हैं |