स्वच्छ राजनीतिक परंपरा के आदर्श राजनीतिज्ञ डॉ. थाॅमस इसाक

* राज्य की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने में प्रमुख भूमिका
* सूझबूझ और दूरदर्शी निर्णय लेने के लिए मशहूर
*जनता के बीच आदर्श छवि

एक अर्से से केरल के वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी कुशलता-पूर्वक संभाल रहे टीएम थॉमस इसाक ऐसे गिनती के नेताओं में हैं जो सख्त फैसले लेने वाले उच्च शिक्षा प्राप्त स्कॉलर भी हैं और जनता के बीच लोकप्रिय भी. वे वर्ष 2006 से लगातार तीन बार प्रदेश के वित्त मंत्री रहे हैं और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में उनका भारी योगदान रहा है.

26 सितंबर 1952 में कोट्टापुरम के पास कोट्टंगलमोर, त्रावणकोर-कोचीन में जन्मे थॉमस इसाक ने अपनी पढ़ाई महाराजा कॉलेज, एर्नाकुलम से की है. ये कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही राजनीति के गुर सीखने लगे थे. स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया से जुड़े, जो कि राजनीतिक तौर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का छात्र विंग है. आपातकाल के दौरान इसाक केरल छात्र आंदोलन से जुड़े. इन्होंने कॉलेज, जिला और राज्य स्तर पर एसएफआई में कई पदों का कार्यभार बखूबीसंभाला. उन्होंने अपनी पीएचडी जेएनयू से सम्बद्ध सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज़ से प्राप्त की. डॉक्टरेट पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय अध्यापन भी किया, लेकिन सामाजिक सरोकारों में उनकी रुचि उन्हें राजनीति में खींच लायी. वर्ष 2001 में वे पहली बार मरारीकुलम विधानसभा सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे. वर्ष 2006 में वेफिर इसी सीट से जीते और वित्त मंत्री बनाये गये. वर्ष 2011 में अलप्पुझा सीट से लड़े. सीट ज़रूर बदली लेकिन इसाक का जादू कम नहीं हुआ. इस बार भी उन्हें जीत मिली. साल 2016 में इसी सीट से जीते और एक बार फिर वित्त मंत्रालय की कमान इन्हें सौंप दी गयी.

जिस राज्य का वित्त मंत्री इतना लायक हो, ज़ाहिर सी बात है कि उस राज्य की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी. मानव संसाधन विकास के सूचकों के अनुसार केरल भारत के बाकी राज्यों से कहीं आगे है. थॉमस इसाक केरल को इस दौड़ में सबसे आगे बनाये रखने के लिये विकास के नये दृष्टिकोण विकसित करने में जुटे हुए हैं. वे ज़िन्दगी में कठिनाइयों से जूझ रहे लोगों की मदद करना चाहते हैं. एक आदर्श नेता बनने के लिए जो विज़न और उस विज़न को पूरा करने के लिए जो क्षमता चाहिए होती है, इसाक उस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं. थॉमस इसाक एक प्रतिभाशाली वित्त मंत्री और प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री हैं जिन्होंने राष्ट्र को दिखाया है कि सरकार के वित्तीय संकट को सरकारी खर्च और निवेश को सीमित किये बिना रोका जा सकता है.

अपनी सूझबूझ और दूरदर्शिता के लिये मशहूर इसाक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य हैं. उन्हें केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेतृत्व वाली, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार के एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ के तौर पर गिना जाता है.

केरल राज्य योजना बोर्ड के सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, वह केरल में पीपल्स प्लानिंग के प्रभारी थे. लोगों का मानना है कि वित्त मामलों में उनसे टक्कर लेना विरले लोगों की ही बस की बात है. उनकी बुद्धिमत्ता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अर्थशास्त्र, नियोजन और राजनीति पर कई लेख प्रकाशित किए हैं जो प्रमुख क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में छपे हुए हैं. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और सेमिनारों में थॉमस इसाक अपने व्याख्यान और पत्रों को प्रस्तुत कर चुके हैं. इनकी मलयालम और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में करीब 50 पुस्तकें छप चुकी हैं. थॉमस इसाक को अपनी किताब केरलम: मन्नुम मानुष्यानुम के लिए साल 1989 में केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाज़ा गया है.

फेम इंडिया मैगजीन- एशिया पोस्ट के “सर्वश्रेष्ठ मंत्री 2019 सर्वे” में केरल के वित्त मंत्री डॉ थाॅमस इसका ‘ आदर्श ‘कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ मंत्री के तौर पर चुने गये हैं.