हर किसी की सेवा को तत्पर और कर्तव्यनिष्ठ रघु शर्मा

* जन मानस से जुड़ाव और कुशल प्रबंधन क्षमता के धनी
* प्रदेश में स्वास्थय सुधार के लिए कर्तव्यनिष्ठा से प्रयासरत
* राज्य के सर्वाधिक शिक्षित राजनेताओं में एक

राजस्थान की राजनीति में वैसे तो दर्जनों मंत्री हैं, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने अपने कार्यकाल में अपनी जो पहचान बनायी है वह एक मिसाल है. वे सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्रालय का भी कार्यभार संभाल रहे हैं . कांग्रेस पार्टी की अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में उनके पास आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग, चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं (ईएसआई) की भी ज़िम्मेदारी है.

राजस्थान के एक छोटे से गांव सावर में 26 जुलाई 1958 को जन्मे रघु शर्मा पेशे से व्यवसायी हैं. इन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से स्नातक, एलएलबी, एमबीए और डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की है. पढ़ाई से दौरान वे राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गये. यहीं से इनके राजनीतिक सफ़र का आगाज़ हुआ. वर्ष 2008 में केकड़ी सीट से चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे. ये प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. वर्ष 2008 से 2013 तक इन्होंने राजस्थान विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक की भूमिका भी निभायी. इनकी गिनती राजस्थान के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे विधायकों में की जाती है.

रघु शर्मा उन नेताओं में से हैं जिन पर शीर्ष नेतृत्त्व को पूरा भरोसा है और रघु भी हर बार उनकी उम्मीद पर खरे भी उतरे हैं. वे थोड़े समय के लिये अजमेर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं. दरअसल, वर्ष 2018 में बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली अजमेर लोकसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस ने रघु शर्मा पर दांव खेला. प्रदेश में बीजेपी की सरकार थी. ऐसे में कांग्रेस की इस सीट पर जीत दूर की कौड़ी लग रही थी लेकिन अपनी कुशल रणनीति और प्रबंधन से रघु ने बीजेपी को उसके ही गढ़ में शिकस्त दे डाली और लोकसभा में अपनी जगह बनायी. रघु शर्मा की काबिलियत को देखते पार्टी ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र उन्हें एक बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी.उन्हें राजस्थान कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया. रघु शर्मा ने भी चुनाव के प्रचार-प्रसार और रणनीति तैयार करने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. नतीजा ये हुआ कि कांग्रेस पार्टी वसुंधरा राजे की सरकार को उखाड़ फेंकने में कामयाब हो गयी. रघु शर्मा खुद भी इस चुनाव में अज़मेर जिले की केकड़ी विधानसभा सीट से विजयी हुए और अशोक गहलोत के कैबिनेट में रघु शर्मा को जगह मिली.

आमजनों की सेवा ही रघु शर्मा के जीवन का लक्ष्य है. इनके आवास पर भी लोग बेधड़क होकर आते हैं और अपनी समस्याएं बताते हैं. रघु भी उनकी समस्याओं के समाधान का हरसंभव प्रयास करते हैं. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के रूप में रघु शर्मा राजस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार एवं विस्तार की योजना बना रहे हैं. इसके तहत 200 नये स्वास्थ्य उपकेंद्र, 5 नए ट्रॉमा सेंटर और 50 नये प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोल रहे हैं . नागरिकों को अपने निवास के नजदीक तत्काल एवं निःशुल्क प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवाने के लिये मोहल्ले /गली में जनता क्लिनिक खोले जाने की भी उनकी योजना है. किडनी, हृदय रोग और कैंसर जैसे गम्भीर बीमारियों के रोगियों के इलाज में कोई व्यवधान न आये इसका भी ख़याल रघु शर्मा ने रखा है. इन्होंने इन रोगों की दवाओं को मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में शामिल करवाया है. इनके अलावा भी कई तरह की स्वास्थ्य सम्बन्धी योजनाओं पर काम कर रहे हैं.

रघु शर्मा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ कर रहे हैं. ये इनकी मेहनत का ही फल है कि राजस्थान में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार के चलते नीति आयोग की रिपोर्ट में सुधार की रफ़्तार में राजस्थान का नाम दूसरे पायदान पर आया है।

फेम इंडिया मैगजीन- एशिया पोस्ट के “सर्वश्रेष्ठ मंत्री 2019 सर्वे” में राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ‘ कर्तव्यनिष्ठ ‘कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ मंत्री के तौर पर चुने गये हैं.