बेहतर कार्ययोजना वाले कामयाब मंत्री हैं प्रताप जेना

* मंत्रित्व काल में राज्य में आये तूफान के समय बेहतर कार्ययोजना तैयार करने में कामयाब
* लंबा और सफल राजनैतिक जीवन
* ईमानदार और लोकप्रिय राजनेता

ओडिशा के शहरी विकास मंत्री प्रताप जेना प्रदेश के एक ऐसे राजनेता हैं जो अपनी दूरदर्शिता और अद्वितीय कार्यकुशलता के लिये पहचाने जाते हैं. जिसे उन्होने गत कुछ समय पहले उड़ीसा में आए फनी तुफान के वक्त साबित भी की है.उनके पास शहरी विकास के अलावे पंचायती राज व पेयजल तथा कानून जैसे महत्त्वपूर्ण मंत्रालय भी हैं. कुछ ही महीनों पहले गठित सरकार में उनकी योग्यता और क्षमता को देखते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उन्हें ये विभाग सौंपे हैं. इसके पूर्व पिछली सरकार में वे स्वास्थ्य व परिवार कल्याण और सूचना व जनसंपर्क मंत्रालयों में अपनी योग्यता साबित कर चुके हैं.

3 जून 1966 को कटक में जन्मे प्रताप जेना में अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई कटक से ही की है. इसके बाद इन्होंने बीएससी और एमएससी (गणित) की डिग्री कटक के ऐतिहासिक रैवेनशॉ यूनिवर्सिटी से प्राप्त की. इन्होंने कानून की डिग्री हासिल की है और मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा भी किया है. साल 1985 में जेना रैवेनशॉ यूनिवर्सिटी में साइंस सोसाइटी के सेक्रेटरी चुने गये. इसी के साथ इन्होंने अपने राजनैतिक जीवन में पदार्पण किया. एक छात्र नेता के रूप में इनकी प्रतिष्ठा तब और बढ़ गयी जब ये साल 1990-91 में मधुसूदन लॉ कॉलेज में छात्र संघ के अध्यक्ष बने. उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए ओडिशा के दिग्गज नेता स्वर्गीय बीजू पटनायक ने इन्हें साल 1992 में छात्र जनता दल का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था. ये इस पद पर 10 साल आसीन रहे.

प्रताप जेना की काबिलियत को देखते हुए वर्ष 2,000 में बीजू जनता दल ने उन्हें उड़ीसा विधानसभा चुनाव में किसन नगर सीट से उतारा. वहां से इन्होंने पहला विधानसभा चुनाव जीता और तब से लेकर आज तक वे लगातार विजयश्री को गले लगाते रहे हैं. वे पूरे ओडिशा में लोकप्रिय हैं और इसका सबूत है कि उन्होंने किसी भी सीट से चुनाव लड़ा हो, हर बार उनकी जीत का अंतर बढ़ता ही गया है. वर्ष 2009 में ये स्कूल एवं मास एजुकेशन मिनिस्टर बने. वर्ष 2014 में फिर से वे महांग निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए और मई 2017 में कैबिनेट पुनर्गठन के बाद उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और कानून विभाग की ज़िम्मेदारी मिली. मई 2018 के कैबिनेट फेरबदल के बाद उन्हें सूचना एवं जन संपर्क विभाग का ज़िम्मा भी उन्हें सौंप दिया गया.

शहरी विकास मंत्री के तौर पर प्रताप जेना की योजना ओडिशा में कई महानगरों को सुव्यवस्थित व विकसित करने की है. पंचायती राज व जल संसाधन मंत्री के तौर पर उनकी एक महत्त्वाकांक्षी योजना की चर्चा जोरों पर है जिसमें उन्होंने इसी वर्ष दिसंबर तक प्रदेश के हर घर में पाइप से पेयजल पहुंचाने का भरोसा दिलाया है. इस विस्तृत परियोजना पर काम चल रहा है और काफी जगहों पर इसकी शुरूआत भी हो रही है.

कानून मंत्री के रूप में प्रताप जेना ने लंबित मामलों के निपटान के लिये ब्लॉक स्तर पर 115 नये सिविल जज (जूनियर डिवीजन) और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) अदालतों को खोलने की घोषणा की. प्रताप जेना कई सामाजिक संगठनों में भी सक्रिय रहे हैं. उन्होंने रक्तदान शिविर और परिवार नियोजन व स्वच्छता पर जागरुकता फैलाने के उद्देश से कई कार्यक्रम आयोजित किये हैं.

प्रताप जेना ने उड़ीसा में स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया था. जब ये स्वास्थ्य मंत्री थे तो उनके कार्यकाल में ओडिशा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया जिसने यूनिवर्सल आई हेल्थ प्रोग्राम (यूईएचपी) तैयार किया है.

प्रताप जेना कई सामाजिक संगठनों से सीध तौर पर जुड़े हैं और दर्जनों स्वास्थ्य शिविरों, रक्तदान शिविरों, सामूहिक वृक्षारोपण और ग्रामीण सफाई अभियानों का नेतृत्त्व किया है. जेना को खाली समय में उपन्यास और आत्मकथाएं पढ़ना पसंद है. साथ ही गाने सुनना और नयी जगहों पर घूमना उनका शौक है.

फेम इंडिया मैगजीन- एशिया पोस्ट के “सर्वश्रेष्ठ मंत्री 2019 सर्वे” में ओडिशा के शहरी विकास मंत्री प्रताप जेना ‘ कामयाब’ कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ मंत्री के तौर पर चुने गये हैं.