लोगों के हमदर्द और जनसेवा के प्रति कर्मठ जीतू पटवारी

* राज्य के युवाओं में लोकप्रिय व्यक्तित्व
* उच्च शिक्षा मंत्री के तौर पर युवाओं की उन्नति के लिए प्रयत्नशील
* कर्मठ और जमीन से जुड़ा राजनेता

मध्य प्रदेश में कांग्रेस का बड़ा चेहरा माना जाने वाले जितेंद्र पटवारी उर्फ़ जीतू पटवारी युवाओं में खासे लोकप्रिय हैं. उन्होंने शराबबंदी, तालाब संरक्षण और किसानों के हितों के मुद्दे उठाकर अपनी पहचान बनाई है. वर्तमान कमलनाथ की सरकार में युवाओं से संबधित दोनों विभाग यानी उच्च शिक्षा और खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय का दारोमदार इस युवा नेता के कंधों पर हैं. अपने आक्रामक तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले जीतू पटवारी एक कर्मठ नेता हैं. वे इंदौर की राऊ विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं.

19 नवंबर 1973 को इंदौर के पास एक छोटे से गांव बिजलपुर के एक कृषक परिवार में जीतू पटवारी का जन्म हुआ. देश और समाज के लिए लड़ जाने का जज़्बा उन्होंने अपने दादा से और राजनीति के गुर पिता से सीखे. उनके दादा कोदरलाल पटवारी स्वतंत्रता सेनानी थे और पिता रमेशचंद्र पटवारी भी इंडियन नेशनल कांग्रेस के लीडर रहे हैं. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से स्नातक करते हुए ही जीतू राजनीति में सक्रिय हो गए थे. ये राजनीतिक सक्रियता उनको नगर-निगम चुनाव में जीत दिलवाने में काम आई. जीतू कांग्रेस के एक जमीनी कार्यकर्त्ता के रूप में काम करते रहे. लोगों से मिलना-जुलना , उनके दुःख-दर्द साझा करना उनकी आदत में शुमार हो
गया. साल 2013 में जब वे इंदौर की राऊ विधानसभा सीट से विधायक बने उसके बाद भी उनका ये काम बादस्तूर जारी रहा. रोज़ सुबह जीतू पटवारी अपनी साइकिल लेकर अपने क्षेत्र में पहुँच जाते थे. लोगों की परेशानियों को सुनते थे, उनका निराकरण करते थे. अपने क्षेत्र के ज़्यादातर लोगों को वो नाम से जानते हैं. इस बारे में जीतू का कहना है कि इस तरीके से उनका जो समाज के प्रति और अपने शरीर के प्रति जो दायित्व है दोनों का निर्वहन एक
साथ हो जाता है. जीतू मात्र 4 घंटे सोते हैं. बाकी का समय वो अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा करने में लगा देते हैं. इस युवा नेता का कद मध्य प्रदेश कांग्रेस में काफी बड़ा माना जाता है.पार्टी में जीतू पटवारी की अच्छी पकड़ होने के कारण पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपती रही है. गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले जीतू को एआईसीसी का राष्ट्रीय सचिव और गुजरात का प्रभारी भी बनाया गया था. जीतू पटवारी के नेतृत्व कांग्रेस ने गुजरात में बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी. साल 2018 में मध्यप्रदेश चुनाव को देखते हुए उन्हें पार्टी की प्रचार समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया. उन्होंने अपने काम को बाखूबी अंजाम दिया और जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई तो पार्टी ने भी उन्हें निराश नहीं किया. कमलनाथ की कैबिनेट में उन्हें
मंत्री पद सौंपा गया.

जीतू पटवारी को किसानों के हितैषी के रूप में जाना जाता है. किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने जब शिवराज सरकार के खिलाफ पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया था, उस समय इंदौर की राऊ विधानसभा से कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी की साइकिल यात्रा भी सियासी गलियारों में चर्चाओं में बनी हुई थी. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइकिल से रवाना हुए कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा उठाया.

उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में जीतू पटवारी ने ओबीसी वर्ग के छात्रों को नि:शुल्क पुस्तक और कॉलेज भवनों में कोचिंग जैसे कार्य किए हैं. बेटियों को कॉलेज तक भेजने के लिए फ्री में एडमिशन करने की घोषणा की है. जीतू पटवारी का मानना है कि युवा पूरे विश्व की रीढ़
की हड्डी के समान है. अगर युवा बेरोज़गार हुआ तो देश में आर्थिक समस्या आनी तय है. इसलिए वे मध्यप्रदेश में कौशल विकास विश्वविद्यालय शुरू करने की तैयारी में हैं. मप्र ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा. इससे प्रदेश के युवाओं को कॉलेज में ही बेहतर कौशल विकास का प्रशिक्षण मिल सकेगा

खेल मंत्री के रूप में वे प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. वे नवाचारों के माध्यम से खेलों के क्षेत्र को नया स्वरूप देकर इस सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उम्मीद है कि जीतू पटवारी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के युवा सफलता की नयी बुलंदियों को छुएंगे.

फेम इंडिया मैगजीन- एशिया पोस्ट के “सर्वश्रेष्ठ मंत्री 2019 सर्वे” में मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा और युवा कल्याणमंत्री जीतू पटवारी ‘कर्मठ ‘ कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ मंत्री के तौर पर चुने गये हैं.