जनता से बेजोड़ जुड़ाव रखते हैं बेदू सिंह पंथ

* विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रशासनिक क्षमता वाले बेजोड़ राजनेता
* राज्य की राजनीति में अहम भूमिका
* प्रदेश को दुनिया का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनाने को क्रियाशील

सिक्किम के वाणिज्य एवं उद्योग और पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री बेदू सिंह पंथ प्रदेश के राजनीतिक क्षितिज पर वो चमकता सितारा हैं जिसकी चमक दिनों-दिन बढ़ती जा रही है. बेहद अनुभवी और सरल स्वभाव वाले बेदू सिंह सिक्किम की जनता की आवाज़ हैं. पूर्वोत्तर भारत के सबसे खूबसूरत राज्य सिक्किम में उन्हें विकास और प्रशासनिक सक्रियता का पर्याय माना जाता है.

दक्षिणी सिक्किम के एक पिछड़े से गाँव में पैदा हुए बेदू सिंह पंथ का बचपन बहुत संघर्षपूर्ण रहा है. मात्र 13 साल की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया था. उनकी माँ ने अकेले उनका पालन पोषण किया. कठिनाई के दिनों ने बेदू को व्यक्तित्व को संवारकर लोगों का दुःख-दर्द को समझने वाला इंसान बना दिया. लोगों के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा उनमें कूट-कूटकर भरा हुआ था. उन्होंने साल 1973 के आन्दोलन में चढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और जेल भी गए. वे सिक्किम संग्राम परिषद् के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं.

उनके लिये जनहित निजी हितों से ऊपर है. इसीलिये वर्ष 2018 में जब उनको लगा कि सत्ताधारी सिक्किम डेमोक्रेटिक पार्टी सिक्किम की जनता के साथ न्याय नहीं कर रही है तो उन्होंने पार्टी को अपना इस्तीफ़ा तक दे दिया. फिलहाल बेदू सिंह पंथ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्य हैं और सिक्किम विधानसभा में तेमी-नामफिंग विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. वे मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग उर्फ पी. एस. गोले के मंत्रिमंडल में वाणिज्य एवं उद्योग और पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभागों के मंत्री बनाये गये है.

अपने सामजिक कार्यों के ज़रिये बेदू सिंह पंथ लोगों से जुड़े रहे. ज़मीन से जुड़े मुद्दे उठाकर उन्होंने लोगों के बीच अपनी पहचान बनायी. साल 1985 में वाक विधानसभा सीट से सिक्किम संग्राम पार्टी के टिकट पर इन्होंने चुनाव लड़ा और पहली ही बार में विधानसभा की चौखट पार कर गये. विधानसभा में इन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाकर लोगों के बीच खूब वाहवाही बटोरी. अपने इस कार्यकाल के दौरान ये 1985 से 1987 तक स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन, 1988 में पब्लिक अकाउंट्स कमिटी और साल 1989 में सिडिको के चेयरमैन भी रहे. साल 1989 में बेदू सिंह पंथ ने दोबारा इस सीट से चुनाव लड़ा और जनता ने अपने इस लोकप्रिय नेता को फिर से विजयी बनाया.

बेदू सिंह पथ ने कुछ समय के लिए प्रो-टेम स्पीकर के तौर पर भी काम किया. इसके बाद इन्हें डिप्टी स्पीकर नियुक्त किया गया. वर्ष 1994 में इन्होंने इस पद से इस्तीफ़ा दे दिया. वर्ष 1995 में इन्होंने सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ज्वाइन कर ली. वर्ष 2005 से 2009 तक पंथ ने टूरिज्म सलाहकार के रूप में काम किया. वर्ष 2009 में ये तेमी नामफिंग सीट से लड़े और तीसरी बार विधायक चुने गये. ये 2009 से 2014 के बीच एनर्जी एंड पॉवर डिपार्टमेंट के चेयरमैन रहे. वर्ष 2014 से मार्च 2019 तक पंथ पॉवर एडवाइज़री बोर्ड के सलाहकार रहे. ये सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के उपाध्यक्ष भी रहे हैं. अक्टूबर 2018 में जनता के हक़ की खातिर बेदू सिंह पंथ ने सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट से इस्तीफ़ा दे दिया. इन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ फ्रंट की नीतियां जनविरोधी हो गयी हैं और सिक्किम के लोगों ने इसके सिद्धांतों का विरोध भी शुरु कर दिया है. इनका कहना था कि बेरोजगार जनता पिछले दरवाजे से होने वाली भर्तियों में पक्षपात, भाई-भतीजावाद, मौखिक परीक्षा में गड़बड़ी व सर्विस एक्टेंशन, मैनपावर प्लानिंग की कमी के खिलाफ है.

दिसंबर 2018 में बेदू सिंह पंथ ने सिक्किम क्रंतिकारी मोर्चा पार्टी ज्वाइन कर ली और वर्ष 2019 में तेमी नामफिंग क्षेत्र से जीतकर मुख्यमंत्री गोले के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बने.

फेम इंडिया मैगजीन- एशिया पोस्ट के “सर्वश्रेष्ठ मंत्री 2019 सर्वे ” में सिक्किम के वाणिज्य मंत्री बेदू सिंह पथ ‘बेजोड़’ कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ मंत्री के तौर पर चुने गये हैं.