जिम्मेदार सरकार के मंत्री नंबर 1

एक जिम्मेदार सरकार से जनता की अपेक्षाएं कुछ ज्यादा ही होती हैं। 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्त्व में भारी बहुमत से जीत कर एनडीए की सरकार बनी। हर आम और खास की उम्मीद बंधी कि यह एक बोल्ड और कठोर निर्णय लेने वाली ऐसी सरकार बनेगी जो भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण से मुक्त होकर निष्पक्ष रूप से देश के विकास के लिये काम करेगी। वैसे यह एक एेसी सरकार है भी जिसके नेतृत्व का विजन लोगो को भी विकासवादी और स्पष्ट प्रतित हो रहा है |

पिछले चार वर्षों में मोदी सरकार ने कई ऐसे कठोर फैसले लिये जो लोकिप्रय भले न हो सके हों, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिति को सुधारने के लिये अत्यावश्यक थे। जो कदम उठाये गये उनसे लोगो को थोड़ी-बहुत परेशानियां जरूर हुईं है परन्तु दीर्घकाल में देश को हर मोर्चे पर इनसे काफी मजबूती मिलेगी।

हमने मोदी सरकार के इस कार्यकाल का आकलन तो किया है, लेकिन थोड़ा अलग अंदाज में। हमारा मानना है कि किसी भी शासनाध्यक्ष की सफलता या विफलता उसकी टीम के परफॉरमेंस पर निर्भर करती है। अगर टीम के सदस्य उत्साही और दूरदर्शी हैं तो न सिर्फ अनुकूल, बल्कि उम्मीद से बढ़ कर भी परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी टीम में शामिल हरेक सदस्य को चुनने से पहले कड़ी स्कैनिंग की थी, लेकिन कई मंत्री उम्मीद के अनुरूप काम नहीं कर पाये, जबकि कुछ ने असाधारण कार्य कर के दिखा दिया।

एशिया पोस्ट ने दस कसौटियों पर मोदी सरकार के मंत्रियों को परखा और उनके चार साल या मंत्रालय में बिताये समय को आधार बना कर एक वृहद सर्वे किया। जो मंत्री टॉप टेन में जगह बना पाये उनके कार्यों का विवरण और लेखा-जोखा भी फेम इंडिया में पेश किया गया है। नागरिकों का कर्तव्य बनता है कि वे अपने राजनेताओं की क्षमता, कोशिश और परिणामों पर नजर डालें। कमजोर परफॉरमेंस पर सवाल जरूर उठायें, लेकिन अच्छे और उम्दा कार्यों की प्रशंसा भी करें। इससे उन मंत्रियों का हौसला बढ़ेगा और वे दोगुने उत्साह से विकास के कार्यों में जुट जायेंगे।
सोच बदलें समाज बदलेगा।