इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया के ज़रिये घर-घर में भक्ति धारा प्रवाहित कर रहे हैं मनोज त्यागी (फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2018)

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भारतीय आध्यात्मिक टेलीविजन की दुनिया में मनोज त्यागी एक जाना-माना नाम हैं। पिछले 20 से भी अधिक वर्षों से वे देश के कई बड़े चैनलों के लिये धार्मिक-आध्यात्मिक कंटेंट बना चुके हैं जो दर्शकों के बीच खासे लोकप्रिय रहे हैं। एक लंबे समय से ‘आस्था’ चैनल के जीएम पद पर काम करते-करते मनोज त्यागी अब भारत के दो और सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक-आध्यात्मिक टीवी चैनल ‘संस्कार’ और ‘सत्संग’ के सीईओ का भी कार्यभार संभाल रहे हैं। साथ ही वे ‘चीनू फिल्म्स’ के निदेशक भी हैं।

सूचना क्रांति के इस दौर में समय के साथ चलते हुए उन्होंने ‘टोटलभक्ति डॉट कॉम’ के नाम से एक वेब पोर्टल की भी शुरुआत की जो धर्म और अध्यात्म से संबंधित हर जानकारी को देश-विदेश में इंटरनेट के जरिये पहुंचा रहा है और खासा लोकप्रिय है।

1972 को देश की राजधानी दिल्ली में जन्मे मनोज त्यागी बचपन में बहुत ही नटखट लेकिन कुशाग्र बुद्धि वाले थे। बचपन से ही उनका रुझान धर्म, कला और खेलकूद की ओर रहा। इसके साथ-साथ उनके अंदर रचनात्मकता और कुछ नया सीखने की ललक भी कूट-कूट कर भरी हुई थी जिसके चलते दिल्ली से अपनी स्कूलिंग पूरी करते ही उन्होंने फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को अपना जुनून बना लिया। आगे चलकर उनके इसी जुनून ने उनके पेशे में बहुत ही उल्लेखनीय भूमिका निभायी।

कम लोगों को पता होगा कि आज पूरे देश में धार्मिक प्रसारण का डंका बजाने वाले मनोज त्यागी एक राज्य-स्तर के तैराक भी रह चुके हैं। उन्होंने अपने कॅरियर के शुरुआत एक टीवी प्रोड्यूसर की नहीं बल्कि दिल्ली के एक स्कूल में स्विमिंग कोच के तौर पर की। लेकिन वहां उनका मन नहीं रमा और सन् 1997 में भारत के अग्रणी सैटेलाइट टेलीविजन चैनल ‘ज़ी टीवी’ के साथ जुड़े। वहां उन्हें धार्मिक कंटेंट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गयी। मेहनत के मामले में कभी भी कोई कोताही नहीं बरतने वाले मनोज त्यागी ने 2004 में ज़ी न्यूज़ के लिए ‘काल, कपाल, महाकाल’ नाम से एक ऐसी टीवी सीरीज़ बनायी जिसने दुनिया को एक ऐसे रहस्यमय संसार से रू-ब-रू करवाया जिस पर अन्यथा यकीन करना मुश्किल होता। उन्होंने अघोरियों और संन्यासियों के जीवन के अनदेखे, अनसुने पहलू उजागर किए जिनकी कल्पना सामान्य जीवन जीने वाले लोग कर ही नहीं सकते थे। अपने बेबाक अंदाज के चलते यह कार्यक्रम के दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।

इसी दौरान मनोज त्यागी स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के संपर्क में आये। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और जुझारू कर्मठ प्रवृत्ति के कारण वे स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के स्नेह के पात्र बन गए। जब स्वामी रामदेव ने आस्था चैनल का अधिग्रहण किया तो उन्होंने मनोज त्यागी को अहम जिम्मेदारियां सौंपीं।

इसके अतिरिक्त मनोज त्यागी द्वारा चलाया जा रहा टोटलभक्ति डॉट कॉम अपने प्रकार का पहला ऐसा पोर्टल है जो भारत के सभी आध्यात्मिक गुरुओं, संतों के प्रवचन, विचार, जानकारी आदि को एक ही मंच पर लेकर आया है। इस पोर्टल पर 15 से अधिक भाषाओं में फ्री ऑडियो/वीडियो कंटेंट के अलावा योग, वैदिक संस्कृति, और सनातन धर्म से संबंधित तमाम जानकारियां उपलब्ध हैं।

कार्य निष्पादन की अनूठी और असरदार शैली ने मनोज त्यागी को टेलीविजन जगत के आध्यात्मिक तबके में लोकप्रिय कर दिया। उनके करीबियों के मुताबिक वे सनातम धर्म की ख्याति को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिये आज पैंतालीस साल की उम्र में भी रोज 16 से 17 घंटे काम करते हैं। उनकी इसी कर्मठता और जुझारूपन के कारण वे सभी संतों के चहेते रहे हैं और यही वजह है कि सनातन धर्म से संबंधित धार्मिक-आध्यात्मिक कंटेंट के देश-विदेश में प्रचार-प्रसार के लिए मनोज त्यागी अनेकों बार कई प्रख्यात आध्यात्मिक गुरुओं तथा सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किये गये हैं।

मीडिया के क्षेत्र में मनोज त्यागी ने अपनी मेहनत के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनायी जिसे आज लोग एक ऐसे इंसान के रूप में देखते हैं जिसने अपनी सीखने की ललक को कभी नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि सीख चाहे 80 साल के बुजुर्ग से मिले या 8 साल के बच्चे से, सीखना उनकी प्रवृत्ति में शामिल है। उनकी पहचान एक ऐसे इंसान के रूप में है जिसने सफलता की कई सीढ़ियां चढ़ने के बाद भी खुद को जमीन से जोड़े रखा है। फेम इंडिया-एशिया पोस्ट सर्वे 2018 में मनोज त्यागी धार्मिक मीडिया के एक प्रमुख सरताज के तौर पर पाये गये हैं।