जनता की नब्ज को बखूबी जानते हैं राजद नेता कारी सुहैब

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को अगर बिहार में युवा शक्ति के तौर पर पहचान मिल रही है तो उसके पीछे कारी सुहैब के योगदान को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। लगातार दो बार युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष बने कारी सुहैब बिहार में एक उभरता हुआ चेहरा हैं जिन्हें राजनेता से अधिक जनता के प्रति समर्पित समाजसेवी के तौर पर जाना जाता है।

कारी सुहैब ने प्रारंभिक तालिम मदरसे से प्राप्त की। इंटरमीडिएट की पढ़ाई मुजफ्फरपुर से करने के बाद बीबीए मुजफ्फरपुर मैनेजमेंट कॉलेज से किया। राजनीति में आने का कोई ईरादा नहीं था, हालात ने राजनीति में आने को मजबूर किया। राजनीति में आने से पूर्व गरीबों की मदद किया करते थे जिसके चलते आमलोगों की बीच चर्चित होते चले गए और अंततः राजनीति में पदार्पण किया। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के सामाजिक विचारधारा और सामाजिक न्याय से प्रभावित होकर पढ़ाई के दौरान ही वर्ष 2000 में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पार्टी ज्वाईन किया। सामाजिक समरसता और धर्मनिरपेक्षता की सोच की वजह से इनके परिवारवालों ने समस्तीपुर जिला के पैतृक गांव रहुआ में मस्जिद के बगल में मंदिर का निर्माण अपने पारिवारिक भूमि पर करवाया। सामाजिक कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए गरीब बच्चों को शिक्षा में मदद के साथ ही गरीब लड़का और लड़कियों की शादी समय-समय पर करवाते रहे हैं। राजद ने 2011 में नेशनल एक्सक्यूटिव मेंबर बनाया, 2013 में तेजस्वी ने यूथ राजद का राष्ट्रीय महासचिव बनाया। पार्टी ने इनकी कर्मठता को देखते हुए मई 2016 में युवा राजद का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। पहली बार पार्टी में बगैर संवैधानिक पद पर रहते हुए पार्टी ने इन्हें युवा राजद का प्रदेश अध्यक्ष बनाया, जनवरी 2018 में पार्टी ने दोबारा इन्हें युवा राजद का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। इनके नेतृत्व में पार्टी ने पंचायत स्तर तक यूथ संगठन का फौज तैयार किया है। इन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के बारे में शेर पढ़ते हुए कहा- “तुम जितना तराशो गे और सेवा होगा, लालू- तेजस्वी वो पौधा है काटो तो हरा होगा।” इनका एक ही लक्ष्य है पार्टी के लिए पूरी ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए पार्टी को कैसे सत्तासीन किया जाय। अपनी पार्टी राजद की सरकार बनाने के लिए दिन-रात एक करते हुए पार्टी संगठन से युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ने का प्रयास लगातार करते आ रहे हैं। जनता के बीच पार्टी की विचारधारा को पहुंचाना सुहैब का लक्ष्य है इसके लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं।