बड़ी-बड़ी फिल्मों की मास्टरब्रेन: ज्योति देशपांडे

इरादे जब मज़बूत और हौसले बुलंद हों तो इंसान कामयाबी की शानदार मिसाल गढ़ सकता है. इस बात को सच कर दिखाया है ज्योति देशपांडे ने जो रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की मीडिया प्रेसिडेंट हैं.

ज्योति बिजनेस की दुनिया में इस बात के लिये जानी जाती हैं कि समय पर समझदारी से काम किया जाए तो कामयाबी आसानी से हासिल की जा सकती है. ज्योति जब शादी के बाद पति के साथ लंदन गईं तो फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की मालकिन से उनका मिलना हुआ. उन का नाम था कृष्णा लूला औऱ उनकी कंपनी थी एरोस इंटरनेशनल. ज्योति ने कृष्णा लूला को इस बात के लिये राजी किया कि वे डिस्ट्रीब्यूशन के साथ साथ फिल्म प्रोडक्शन के फील्ड में भी हाथ आजमाएं. कृष्णा इस बात के लिये राजी हो गईं और ज्योति ने एरोस इंटरनेशनल ज्वॉयन कर लिया. फिल्मों के राइट्स लेने और फिल्में प्रोड्यूस करने का काम ज्योति ने शुरु कर दिया. जिन सितारों की फिल्में बनाई जातीं उन्हें बतौर को-प्रोड्यूसर रख लिया जाता. इससे कॉस्ट कम करने में आसानी हो जाती. धीरे-धीरे एरोस इंटरनेशल जो फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन की कंपनी थी आज भारतीय सिनेमा जगत की एक बड़ी प्रोडक्शन कंपनी बन गयी. आज यह कंपनी हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में हर साल 65-70 फिल्में प्रोड्यूस करती है. बाजीराव मस्तानी, तनु वेड्स मनु रिटर्न्स, गोलियों की रासलीला-रामलीला, इंग्लिश-विन्ग्लिश जैसी कई सुपरहिट फिल्में एरोस इंटरनेशल की ही देन हैं. कंपनी अगर आज इस मकाम पर है तो उसमें बहुत बड़ा रोल ज्योति देशपांडे का है. उन्होंने एरोस इंटरनेशनल में बतौर ग्रुप सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर काम किया.

हाल ही में ज्योति, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में बतौर मीडिया प्रेसिडेंट जुड़ी हैं जिसमें वे एंटरटेनमेंट बिज़नेस संभालेंगी. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एरोस इंटरनेशनल के 5 फीसदी शेयर भी खरीदे हैं. जानने वाले बताते हैं कि ज्योति एक उद्यमी और एग्जीक्यूटिव का परफेक्ट कॉम्बिनेशन हैं और यही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह है.
व्यवसायिक कुशलता के साथ ही वे काफी क्रिएटिव भी हैं. फिल्म के आईडिया जेनरेशन से लेकर स्क्रिप्ट राइटिंग तक, एडिटिंग से लेकर प्रमोशन और डिस्ट्रीब्यूशन तक ज्योति अपना दखल रखती हैं. एरोस इंटरनेशनल की फिल्मों के प्रभावी कंटेंट के पीछे ज्योति का होना एक बड़ी वजह माना जाता रहा है.

एरोस ज्वाइन करने से पहले ज्योति ने एडवरटाइजिंग के क्षेत्र में जे वाल्टर थोम्पसन इंडिया के साथ काम किया है. यूके जाने के बाद उन्होंने ज़ी टेलीविज़न नेटवर्क यूके में एडवरटाइजिंग सेल्स एंड मार्केटिंग का कार्यभार संभाला. माइंडशेयर यूके में बतौर सीनियर मीडिया कंसल्टेंट भी उन्होंने काम किया है. यूके में वे B4U नेटवर्क की कोर टीम का हिस्सा रहीं हैं. आज की तारीख में एडवरटाइजिंग, मीडिया कंसल्टिंग, टेलीविज़न एंड फिल्म के साथ मीडिया और एंटरटेनमेंट में ज्योति को 24 साल का अनुभव है. पिछले 10 सालों में उन्होंने ऋण और इक्विटी  के ज़रिये एरोस की कैपिटल ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है.

कामयाबी के इस मुकाम पर ज्योति कहां से पहुंची हैं अगर इसका अंदाजा हो तो उनकी सफलता का महत्व समझना आसान हो जाएगा. बचपन में पोलियो का शिकार होने के बावजूद ज्योति ने खुद में हिम्मत और ताकत हमेशा भरी. लड़कों के साथ क्रिकेट खेला करतीं और स्कूल में भी अव्वल रहतीं. कालेज के दिनों में आगे की पढ़ाई के लिये पैसे की जरुरत जब आई तो 12वीं तक के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया. इससे जो पैसा जमा किया उससे एमबीए करने की सोची. देश के नामी गिरामी एस पी जैन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई से एमबीए किया औऱ यहीं वे अपने सपनों के राजकुमार से मिलीं. ज्योति इसके बाद शादी करके लंदन चली गईं और फिर वहां 1998 में इरोस इंटरनेशल से जुड़ीं. इसके बाद उन्होंने कामयाबी की कई चमकदार कहानियां लिखीं.

ज्योति की नेतृत्व क्षमता को देखते हुए साल 2015 में बिज़नेस टुडे ने उनका नाम 50 मोस्ट पावरफुल वीमेन इन बिज़नेस में शुमार किया था. इसी साल प्रतिष्ठित फॉरच्यून इंडिया मैगज़ीन ने 50 मोस्ट पावरफुल वीमेन इन बिज़नेस की लिस्ट में ज्योति देशपांडे को फीचर किया गया.

शक्तिशाली नारी शक्ति के इस सर्वे में फेम इंडिया मैगजीन – एशिया पोस्ट ने नॉमिनेशन में आये 300 नामों को विभिन्न मानदंडों पर कसा , जिसमें सर्वे में सामाजिक स्थिति, प्रतिष्ठा, देश की आर्थिक व राजनीतिक व्यवस्था पर प्रभाव, छवि, उद्देश्य और प्रयास जैसे दस मानदंडों को आधार बना कर किये गये स्टेकहोल्ड सर्वे में रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. की मीडिया प्रेसिडेंट व इरोज इंटरनेशनल की पूर्व एमडी ज्योति देशपांडे बारहवें स्थान पर हैं |