प्राचीन काल से देश का गौरव रहे मगध क्षेत्र को विकास की रफ्तार दी असरदार ब्युरोक्रेट जितेंद्र श्रीवास्तव ने

2000 बैच के आइएएस ऑफिसर जितेंद्र श्रीवास्तव वर्तमान में मगध प्रमंडल के कमिश्नर हैं।जितेंद्र श्रीवास्तव अर्थशास्त्र में ग्रैजुएट हैं। राज्य के काबिल प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र प्रसाद वर्ष 2006-7 में गया के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि मगध प्रमंडल के आयुक्त पूर्व में गया के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। क्षेत्र की समस्याओं से पहले से अवगत होने के कारण पद संभालते ही जितेंद्र श्रीवास्तव पूरी मुस्तैदी से सुधार और विकास के काम में जुट गए हैं। राज्य में 2016 से ही शराबबंदी लागू है, ऐसे में मगध प्रमंडल के आयुक्त के तौर पर जितेंद्र श्रीवास्तव  प्रमंडल के सभी  जिलों में शराबबंदी पूरी तरह लागू करने में जुटे हुए हैं। जिलों की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि अरवल और जहानाबाद को छोड़कर मगध प्रमंडल के बाकी सभी जिलों की सीमा झारखंड से जुड़ी है। ऐसे में शराबबंदी को पूरी तरह लागू करने में परेशानी आती रहती है। जितेंद्र श्रीवास्तव इन सभी क्षेत्रों में सप्ताह में कम से कम दो दिन निरीक्षण कर प्रशासन को चौकस रखे हुए हैं। मगध प्रमंडल का सबसे प्रमुख मेडिकल कॉलेज, अनुग्रह नारायण मेडिकल कॉलेज, गया है। इसके बावजूद यहां सुविधाओं का अभाव रहता है। लेकिन प्रमंडल आयुक्त जितेंद्र श्रीवास्तव जनता की स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की कमियों को दूर करने में लगे हुए हैं, जैसे हॉस्पिटल को अतिक्रमण से मुक्त करना, मरीजों को और साथ में रहनेवाले अटेंडेंट्स को समुचित सुविधा उप्लब्ध कराना आदि। ऐसी व्यवस्था की गई है कि जननी बाल सुरक्षा योजना की समीक्षा के तहत प्रसव के दौरान ही लाभार्थियों को शत-प्रतिशत भुगतान ऑन बेड किया जाए। मातृ मृत्यु समीक्षा एवं शिशु मृत्यु समीक्षा शत-प्रतिशत हो इसपर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गया में पूरे देश से लोग पूर्वजों के लिए पिंडदान करने आते हैं। विशेषकर श्राद्ध पक्ष में तो यहां पितृपक्ष मेले का भी आयोजन होता है। पिंडदान के लिए आनेवाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर से बेहतर सुविधा मुहैया कराई जाए ऐसी व्यवस्था की गई है।

शुद्ध पेयजेल के लिए आरओ लगवाए गए हैं। बायोटॉयलेट लगाए गए हैं। समुचित स्वास्थ्य सेवा के लिए मोबाइल वाहन लगाए गए हैं। सभी अस्पतालों में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। ठहरने के लिए होटल, निजी आवास, धर्मशाला आदि की व्यवस्था की गई है। बाहर से आनेवाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा ना हो इसके लिए गया में छह: मार्गों पर रिंग बस सेवा की व्यवस्था की गई है। लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर मुकद्दमों की सुनवाई कर उन पर तुरंत कारवाई करना, जाचं के लिए सुरक्षा कमिटी का गठन करना जैसे कई जनहित के कार्य हैं जो जीतेंद्र श्रीवास्तव को जनता के बीच लोकप्रिय बना रहे हैं। फलस्वरुप अधिक से अधिक लोग प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर, प्रमंडल के विकास में अपना योगदान कर रहे हैं।

फेम इंडिया मैगजीन-एशिया पोस्ट सर्वे के ‘असरदार आईएएस 2018’ के सर्वे में विभिन्न पैरामीटर में की गई रेटिंग में जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव को प्रमुख स्थान पर पाया है।