फेम इंडिया – एशिया पोस्ट सर्वे : असरदार आईएएस 2019

वैसे तो ब्यूरोक्रैसी का देश के विकास में सबसे अहम योगदान है, परन्तु आजकल ये आम धारणा बना दी गयी है कि ब्यूरोक्रैट्स करते ही क्या हैं? अक्सर नौकरशाही को लालफीताशाही से जोड़ कर इसे नकारात्मक रूप में पेश किया जाता है, जबकि वास्तविकता ये है कि देश के सर्वांगीन विकास से लेकर किसी भी योजना के क्रियान्वयन तक में इनकी भूमिका सबसे अहम होती है। सर्वोच्च ब्यूरोक्रैसी के प्रतीक आईएएस अधिकारियों का समाज और देश के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण योगदान है, परन्तु आम तौर पर उनके बेहतरीन कार्य का श्रेय सत्ताधारियों को मिल जाता है। हर कोई उनसे अपना काम साधने की फिराक में तो रहता है, किन्तु तारीफ राजनेता के हिस्से आता है।
फेम इंडिया मैगजीन के संपादकीय प्रमुख उमाशंकर सोंथालिया ने बताया कि एक जिम्मेदार व सकारात्मक मीडिया होने के नाते फेम इंडिया ने इस बार देश निर्माण में अपनी बेहतर भूमिका निभा रहे हजारों आइएएस अधिकारियों को श्रेय देने का निर्णय किया है। वर्तमान में देश भर में 5000 से भी ज्यादा आईएएस अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें से सिर्फ 50 को असरदार के तौर पर चुनना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था।
सर्वप्रथम फेम इंडिया मैगजीन ने एशिया पोस्ट सर्वे के साथ मिलकर 1984 से 2003 तक के ब्यूरोक्रैट्स को इस सर्वे में शामिल किया। विभिन्न स्रोतों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर लगभग 300 अधिकारियों के नामों का चयन किया गया जो अपनी उत्कृष्टता के कारण विशिष्ट स्थान रखते हैं।। ये मुकाबला इतना कठिन था कि सर्वश्रेष्ठ चुनना लगभग असंभव था। हमने उन सभी अधिकारियों को स्टेकहोल्ड सर्वे के आधार पर 50 कैटेगरियों में बांटा और हर कैटगरी से एक प्रमुख असरदार ब्यूरोक्रेट्स को फेम इंडिया के अंक में प्रकाशित कर रहे हैं।

एशिया पोस्ट सर्वे के मानदंड हैं – शानदार गवर्नेंस, दूरदर्शिता, उत्कृष्ट सोच, जवाबदेह कार्यशैली, अहम फैसले लेने की त्वरित क्षमता, गंभीरता और व्यवहार कुशलता।

( सूची वरीयता क्रम में) –
• अजय कुमार भल्ला – 1984 असम मेघालय
• राजीव कुमार – 1984 झारखंड
• अजय कुमार – 1985 केरल
• प्रदीप सिंह खरोला – 1985 कर्नाटक
• यू पी सिंह – 1985 उड़ीसा
• अंशु प्रकाश – 1986 यूनियन टेरेटरी
• गुरु प्रसाद मोहापात्रा – 1986 गुजरात
• विजय कुमार देव – 1987 यूनियन टेरेटरी
• अवनीश अवस्थी – 1987 उत्तर प्रदेश
• चित्तरंजन कुमार खेतान 1987 छत्तीसगढ़
• नरेश कुमार – 1987 यूनियन टेरेटरी
• राजेश भूषण – 1987 बिहार
• अजय सेठ 1987 कर्नाटक
• भगवान शंकर – 1988 सिक्किम
• राजेश खुल्लर 1988 – हरियाणा
• अरविन्द कुमार शर्मा – 1988 गुजरात
• अनुराग जैन – 1989 मध्य प्रदेश
• मनोज जोशी – 1989 केरल
• शुभ्रा सिंह – 1989 राजस्थान
• के. श्रीनिवास – 1989 गुजरात
• भूषण ए गंगरानी – 1990 महाराष्ट्र
• जितेन्द्र नारायण – 1990 यूनियन टेरेटरी
• अलिकेश कुमार शर्मा – 1990 केरल
• संजय मल्होत्रा – 1990 राजस्थान
• प्रत्यय अमृत – 1991 बिहार
• अशोक बर्णवाल – 1991 मध्य प्रदेश
• संजय लोहिया – 1994 असम मेघालय
• तेजवीर सिंह – 1994 पंजाब
• पार्थ सारथी सेनशर्मा – 1994 उत्तर प्रदेश
• अनुराधा ठाकुर 1994 हिमाचल प्रदेश
• श्रीवत्स कृष्णा – 1994 कर्नाटक
• अश्विनी सतीश भिड़े – 1995 महाराष्ट्र
• गौरव द्विवेदी – 1995 मध्य प्रदेश
• राजीव टोपनो – 1996 गुजरात
• डॉ सुनील कुमार बर्णवाल – 1997 झारखंड
• राघवेन्द्र कुमार सिंह – 1997 मध्य प्रदेश
• पंकज कुमार – 1997 बिहार
• संदीप कुमार सुल्तानिया – 1998 तेलंगाना
• ऋचा बागला – 1999 महाराष्ट्र
• वी कार्तिकेयन पांडियान – 2000 उड़ीसा
• दीपक अग्रवाल – 2000 उत्तर प्रदेश
• स्मिता सबरवाल – 2001 तेलंगाना
• नंदिता गुप्ता – 2001 हिमाचल प्रदेश
• मयंक बड़वाडे – 2001 बिहार
• संजीव वर्मा – 2001 जम्मू-कश्मीर
• राधिका झा -2002 उत्तराखंड
• ऋतु सेन – 2003 छत्तीसगढ़
• रितु महेश्वरी – 2003 उत्तर प्रदेश
• अनुपम कुमार – 2003 बिहार