फेम इंडिया – एशिया पोस्ट सर्वे के 100 प्रभावशाली की सूची में प्रमुख स्थान पर हैं इंडियन एक्सप्रेस के चीफ एडिटर राजकमल झा

प्रसिद्ध डेली न्यूज़ पेपर व विएना के इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट से एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म के अवार्ड से सम्मानित इंडियन एक्सप्रेस के चीफ एडिटर राजकमल झा अन्तराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त नॉवेलिस्ट भी हैं. इनका जन्म बिहार के भागलपुर में हुआ. आईआईटी, खड़गपुर से मैकनिकल इंजीनियरिंग करते समय कैंपस मैगज़ीन “अलंकार” के एडीटर बने. 1988 में आईआईटी से ग्रैजुएट होने के पश्चात इन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ सदर्न कैलिफोर्निया से प्रिंट जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री प्राप्त की. इन्होंने 1992 में द स्टेट्समैन, कोलकता में असिस्टेंट एडीटर और 1994 में इंडिया टुडे में सीनियर एसोसिएट एडीटर के तौर पर काम करने के बाद 1996 में इंडियन एक्सप्रेस एग्जीक्यूटिव एडीटर के पद पर ज्वाइन किया और आज ये देश के सबसे उच्च स्तरीय इन्वेस्टिगेटिंग रिपोर्टिंग वाले समाचार पत्र के प्रधान संपादक है. राज कमल झा के नेतृत्व में ही अप्रैल 2016 में इंडियन एक्सप्रेस ने पनामा पेपर जैसे अंतर्राष्ट्रीय घपले को उजागर किया और इसमें शामिल भारत के बड़े लोग और भारतीय कम्पनी के काले धन से जुड़ी सूची भारत सरकार को उपलब्ध हुई. पुरस्कार वापसी की शुरुआत हो या फिर रोहित वेमुला पर खुलासा, झा के सम्पादकीय साम्राज्य में खबरें रूकती नहीं हैं. उन्होंने महाराष्ट्र में सूखे से लेकर पंजाब में कीटनाशक के घोटाले पर सबसे पहले फोकस किया. कोयला घोटाले और 2 जी स्कैम पर भी झा के नेतृत्व में रिपोर्टर्स ने बड़ी खोजी ख़बरें की हैं. रिपोर्टर्स को वो प्रेरणा देते हैं और इनवेस्टिगेटिव पत्रकारों को जिगर दिखाने की पूरी जगह.
हार्ड कोर पत्रकारिता के अलावा झा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के नॉवेलिस्ट भी हैं. राज कमल झा के लिखे तीन नॉवेल एक दर्जन से ज्यादा विदेशी भाषाओं में प्रकाशित हुए हैं. इनकी लिखी “द ब्लू बेडस्प्रेड” को “कामनवेल्थ राइटर प्राइज” और “न्यूयॉर्क टाइम्स नोटबुक ऑफ़ दी इयर” से सम्मानित किया गया. इनकी एक और किताब को “क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड 2003” से नवाजा गया है.
एशिया पोस्ट – फेम इंडिया के सर्वे 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में प्रख्यात पत्रकार राज कमल झा प्रमुख स्थान पर हैं.