युवा उद्यमी देश का भविष्य, हर संभव मदद सरकार का एकमात्र लक्ष्य – गिरिराज सिंह

 

कम लोगों को पता है कि अपने स्पष्ट-बेलाग बयानों के कारण देश के सबसे धाकड़ राजनेताओं में शुमार केन्द्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह बेहद विकास-वादी व प्रयोग-धर्मी विचारधारा के व्यक्ति हैं। गिरिराज सिंह ने अपनी समझ और दूरदर्शिता के कारण बिहार सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में जो सुधार लागू करवाये थे उनके कारण इन्हें आज भी याद किया जाता है। एक ओर देश की आम जनता कई केन्द्रीय मंत्रियों के नाम तक नहीं जानती वही इनके नाम की चर्चा देश व समाज के हर तबके में आम है। अपने मिलनसार स्वभाव लेकिन सीधे शब्दों में विचार रखने के कारण इनकी पहचान कश्मीर से कन्याकुमारी तक है।
एमएसएमई राज्य-मंत्री के तौर पर देश भर में रोजगार सृजन के लिए खादी ग्रामोद्योग को मजबूत करने के प्रयास में जुटे गिरिराज सिंह सोलर चरखा के द्वारा करीब पांच करोड़ लोगों की बेहतर कमाई की कार्य-योजना पर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की ‘खादी फॉर फैशन’ की सोच को आगे बढ़ाने की जिम्मेवारी उठाने के साथ साथ सोलर चरखा के द्वारा ये बिजली की समस्या दूर करने व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की कमाई के नये स्रोत तैयार करने में भी लगे हैं।
पार्टी व संगठन के लोगों के बीच ‘दादा’ के नाम से मशहूर गिरिराज सिंह एकादश रुद्र महादेव के परम भक्त हैं और इनके बारे में आम राय यह है कि ये लोगो की हर संभव मदद को हमेशा तैयार रहते हैं। केन्द्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह से मंत्री के तौर पर किये जा रहे जन उपयोगी विकास-परक योजनाओं के साथ-साथ उनके सफ़र, संघर्ष, सफलता व भविष्य की योजनाओं पर टीम फेम इंडिया की खास बातचीत –

एम एस एम ई मंत्री के तौर पर आपकी क्या कार्य योजना है ?
प्रधानमंत्री जी की प्रमुखता खादी को विश्व भर में ब्रांड भारत के रुप में स्थापित करने की है। इस को प्राथमिकता मान हमने कई विशेष कार्यों को शुरु किया है। इससे एक ओर ग्रामीण भारत में रोजगार सृजन हो रहा है तो दूसरी ओर बड़े पैमाने पर महिला सशक्तिकरण भी होगा।

खादी ग्रामोद्योग तो पहले से है, आप ऐसा क्या नया कर रहे हैं?
पूरी दुनिया टेक्नलॉजी के अपग्रेडेशन में लगी है पर विगत कई वर्षों से अपनी परंपरागत तकनीक में सुधार न कर पाने की वजह से हम ग्रामीण क्षेत्र को मजबूती नही दे पा रहे थे। हम कताई में पारंपरिक चरखे को हटा सोलर चरखे के प्रयोग पर जोर दे रहे हैं।

इससे जुड़ी कुछ मुख्य बातें बतायें?
सोलर चरखा ‘जीरो इफेक्ट-जीरो डिफेक्ट’ पर काम करता है। जीरो इफेक्ट का संबंध स्वास्थ्य, पर्यावरण और कार्य-क्षमता के स्तर पर है और जीरो डिफेक्ट कपड़े की क्वालिटी और कम समय में ज्यादा उत्पादन के तौर पर है।

इस योजना का प्रारूप कैसा है ?
हमने इसका पहला प्रयोग अपने संसदीय क्षेत्र के आदर्श ग्राम खानवा में शुरु किया जहां एक ट्रेनिंग एंड प्रोडक्शन सेंटर यानी ‘टीपीसी’ बनाया गया। पहले चरण में करीब पांच सौ से अधिक महिलाओं को ट्रेनिंग दी गयी, जिससे इस कार्य में लगी जो महिलाएं पहले अठारह सौ से दो हजार रुपया महीना कमाती थीं, उनकी कमाई बढ़ कर पांच से सात हजार तक हो गयी। हम इसे दस हजार तक पहुंचाने के लिये कार्य कर रहे हैं। यह इस गांव के एक हजार लोगों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का कारण बन गया है। इस रोजगार से इस गांव की कमाई बारह करोड़ सालाना तक होने की संभावना है।

क्या यह सिर्फ आपके संसदीय क्षेत्र में ही है?
नहीं, हम इसकी एक टीपीसी जल्दी ही प्रधानमंत्री जी के आदर्श ग्राम मे भी खोलने जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य 5 करोड़ ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों के लिये रोजगार सृजन करने का है। एक स्थिर रोजगार, पर्यावरण के अनुकूल ग्रामीण उद्योग और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कार्य हो रहा है। इससे उद्योग से जुड़े लोगों को मजबूती देने को लिये हम उन्हें अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना से भी उन्हे जोड़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य देश के सभी ब्लॉकों मे एक टीपीसी शुरु करने की है, जिसे 2024 तक 50,000 ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने की योजना है।

यह तो बड़ा लक्ष्य है, पूरा कर पायेंगे?
जन सरोकार के जिस कार्य का लक्ष्य हमने लिया है महादेव उसे अवश्य पूरा करेंगे। बिहार सरकार में 2008 में कोऑपरेटिव मंत्री रहते समय मैंने राज्य के सभी पंचायतों में पैक्स का गठन करवाया और ऐक्ट में बदलाव करवा कर एक करोड़ नये सदस्यों को जोड़ने का कार्य संपन्न करवाया। वहीं 2010 में मतस्य व पशुपालन मंत्री के तौर पर नीचे मछली उपर बिजली पर कार्य शुरु करवाया। मछली, मुर्गा व बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिये 50 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था करवायी। ब्लॉक स्तर पर बकरी प्रजनन केंद्र बनाने और उच्च नस्ल की बकरियों को नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को दे कर स्वरोजगार बढ़ने की योजना भी बनवायी। स्वरोजगार को बढ़ावा देना हमेशा मेरी प्राथमिकता है, क्योंकि इसके द्वारा हम केवल एक व्यक्ति नही पूरे परिवार और समाज के जीवन स्तर को मजबूती दे सकते हैं।

आपका राजनीतिक सफर कैसे शुरू हुआ ?
किसान परिवार से ताल्लुक रखता हूँ। 1967 से ही छात्र व युवा राजनीति में जुड़ा हूं। 1980 में भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय राजनीति से आया। संगठन के कार्य में पार्टी जब जो जिम्मेवारी देती रही निभाता रहा। 2002 में पहली बार विधान परिषद का सदस्य बना। 2008 में बिहार में गठबंधन की सरकार में मंत्री बनाया गया जहां 2013 तक अलग-अलग विभागों में मंत्री रहा। 2014 में नवादा से लोकसभा सांसद बना और केंद्र में मंझोले तथा लघु उद्योगों के मंत्रालय ‘एमएसएमई’ में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गयी। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में महादेव की कृपा से बेहतर देश के निर्माण में लगा हूं।

परिवार में कौन-कौन राजनीति में है?
कोई नहीं, और किसी ने राजनीति में आने की इच्छा भी नहीं जतायी है। बेटी और दामाद दोनों वाराणसी में डॉक्टर हैं जो वहां अच्छी तरह सैटल हैं। पत्नी झारखंड में सरकारी शिक्षिका थीं जो इसी वर्ष रिटायर हुई हैं।

देश के युवाओं में आप खासे लोकप्रिय हैं, क्या आशा है आपकी उनसे?
मेरा मानना है कि युवा बहुत इनोवेटिव है, मैं उन्हें हमेशा कहता हूँ कि वे देश विकास के लिये अपनी उद्यमिता का पुरा उपयोग करें और मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया के द्वारा भारत को इतना मजबूत बनायें कि दुनिया भर के लोग हम लोगों के लिये काम करें। हम विश्व भर के लिये जॉब क्रियेटर बनें। हमारा मंत्रालय नये उद्यमियों के सहयोग के लिये पूरी तरह तैयार है।

फेम इंडिया के माध्यम से क्या संदेश देना चाहेंगे ?
देश को बेहद ईमानदार नेतृत्व मिला है, आइये इस देश को बेहतर बनाने में सहयोग करें, हमारे कार्य ही हमारे आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन करेंगे।