फेम इंडिया एशिया पोस्ट सर्वे में प्रमुख स्थान पर है उद्योग धंधो को दिया नया कलेवर देने वाले ऑफिसर चंचल कुमार

1992 बैच के आइएएस ऑफिसर चंचल कुमार बिहार के मधुबनी जिले के रहनेवाले हैं। कानपुर आइआइटी से कम्प्यूटर साइंस में इंजीनियर, चंचल कुमार पटना विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में पीएच.डी किए हैं। वर्तमान में बिहार सरकार में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट में प्रमुख सचिव हैं। संस्कृति और कला एवम् युवा विभाग के सचिव के तौर पर चंचल कुमार ने सराहनीय कार्य किए हैं। इनके कार्यकाल में ही इलाहाबाद, मुंबई और जयपुर में बिहार महोत्सव का आयोजन हुआ। इतना ही नहीं खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के आयोजन किए गए। विकलांग खिलाड़िओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनकी ट्रेनिंग की विशेष व्यवस्था की गई। चंचल कुमार 2005 से 2012 तक मुख्यमंत्री कार्यलय में सचिव के पद पर रहे। पिछले आठ से दस साल में बिहार में शिक्षा , स्वास्थ्य, समाजिक विकास, अल्पसंख्यकों के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष जोर रहा है। बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट में प्रमुख सचिव चंचल कुमार का मुख्य लक्ष्य है, विकास के इस दौर में उद्योग धंधे के विस्तार पर फोकस करना। चंचल कुमार के अनुसार किसी भी राज्य के तेजी से विकास में उसके इंफ्रास्ट्रक्चर का खास रोल होता है। इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने पर ही बाहर से इंवेस्टर उद्योग–धंधे के लिए राज्य में आएंगे। चंचल कुमार के कार्यकाल में ही पटना के मशहूर गांधी मैदान में महात्मा गांधी की 40 फुट उंची कांसे की प्रतिमा का निर्माण हुआ है। भवन निर्माण विभाग की एक मेंटेनेंस पॉलिसी बनाकर काम किया जा रहा है। इसमे दूसरे राज्यों से तुलनात्मक अध्ययन करके ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। भवनों के देखरेख का शेड्यूल तैयार करके कामकाज हो रहा है। अभी बहुत से महत्वाकांक्षी निर्माण कार्य योजनाओं पर काम चल रहा है, इसके तहत सिग्नेचर भवनों जैसे नियोजन भवन, पुलिस मुख्यालय विधायकों के लिए बहुमंजली इमारतें, बिहार म्यूजियम, छपरा में लोक नारायण जयप्रकाश इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी है। सभी सरकारी ऑफिसरों को मकान आवंटित हो, नाकि उनके पद के आधार पर आवंटन हो, इसके लिए ई-निवास योजना को आरंभ किया गया है। इसके तहत कंप्यूटर पर एक एप के माध्यम से भरे हुए और खाली फ्लैट्स की जानकारी रखी जाएगी। इससे फ्लैट के आवंटन में हो रही अनियमितता को रोका जा सकेगा। बिहार में उद्योग धंधो के विकास के लिए जमीन की उपलब्धता भी एक समस्या है। क्योंकि राज्य की आबादी काफी घनी है और ज्यादातर भूमि उपजाउ है, जिनपर खेती होती है। भारत सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण बिल पास होने से भूमि अधिग्रहण के काम में थोड़ी तेजी आई है और राज्य में नए उद्योग धंधों को लगाने की राह आसान हुई है। राज्य में युवाओं की योग्यता का पता लगाकर कि वो किस क्षेत्र में ज्यादा काबिल हैं, उस पर काम किया जा रहा है ताकि प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाया जा सके।

फेम इंडिया मैगजीन-एशिया पोस्ट सर्वे के ‘असरदार आईएएस 2018’ के सर्वे में विभिन्न पैरामीटर में की गई रेटिंग में चंचल कुमार को प्रमुख स्थान पर पाया है।