सटीक निर्णय और सफल कार्यान्वयन से राज्य के विकास को नई दिशा दिया ब्रजेश मेहरोत्रा ने

1989 बैच के आइएएस ऑफिसर ब्रजेश मेहरोत्रा मूलत: उत्तर प्रदेश के रहनेवाले हैं। भौतिक विज्ञान में ग्रैजुएशन के बाद, ब्रजेश मेहरोत्रा भूगर्भ शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन किए हैं। वर्तमान में प्रधान सचिव मंत्रिमंडल के तौर पर पदस्थापित ब्रजेश मेहरोत्रा अपनी खास कार्य शैली के लिए जाने जाते हैं। ब्रजेश मेहरोत्रा बिहार राज्य वित्त निगम और खाद्य आपूर्ति एवमं वाणिज्य के महानिदेशक के तौर पर कामकाज कर चुके हैं। चुस्त-दुरुस्त एवम् एक कुशल प्रशासक के तौर पर ब्रजेश मेहरोत्रा को राज्य सरकार की ओर से हमेशा ही अहम जिम्मेदारी दी जाती रही है। ब्रजेश दरंभगा, पूर्णिया, मुंगेर और भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त भी रह चुके हैं। भवन निर्माण विभाग में सचिव के तौर पर ब्रजेश हमेशा निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा के अंदर कार्य संपन्न हो, इस पर ध्यान देते रहे। सूचना एवम् जनसंपर्क विभाग के सचिव के तौर पर ब्रजेश मेहरोत्रा का योगदान उल्लेखनीय रहा है। आज के आधुनिक दौर में जबकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का बोलबाला है। इसके एक नए स्वरुप, सोशल मीडिया के माध्यम से खबरे तुरंत एक जगह से दूसरे जगह पहुंच जा रही हैं। ब्रजेश मेहरोत्रा भी इसकी महत्ता को समझते हुए इस पर खास ध्यान दे रहे हैं। सचिव के तौर पर जनता के बीच जागरुकता लाने के लिए ब्रजेश मेहरोत्रा सरकार द्वारा आयोजित प्रदर्शनियों में सूचना एवम जनसंपर्क विभाग का पंडाल लगवा, राज्य में लागू पूर्ण शराबबंदी और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने का सफल प्रयास किए। तेज-तर्रार प्रशासनिक अधिकारी ब्रजेश मेहरोत्रा जब बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव बने उस समय स्वास्थ्य विभाग में कई तरह की परेशानियां थीं, जैसे नियुक्ति, आपूर्ति आदि। लेकिन कुशल कार्यशैली वाले ब्रजेश मेहरोत्रा ने बड़े ही सहज तरीके से इन समस्याओं का हल निकाल लिया। वर्तमान में प्रधान सचिव मंत्रिमंडल के पद पर अपना योगदान देते हुए भी ब्रजेश मेहरोत्रा जनहित में बहुत सारी योजनाओं को मूर्त रुप दे रहे हैं। राज्य के अपग्रेड प्लस-टू स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या से उबरने के लिए अतिथि शिक्षकों की सेवा की व्यवस्था किए हैं। ऐसी व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि स्थायी नियुक्ति होने तक पढ़ाई बाधित नहीं हो। अब कम से कम 50 लोगों को रोजगार देने वाली आईटी कंपनियों की इकाइयों को उत्पादन शुरू करने की तिथि से पांच वर्षों तक सभी एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति राज्य  सरकार करेगी। राज्य में पांच सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगासाथ ही ऐसी व्यवस्था की जा रही है, ताकि ट्रीटमेंट के बाद सीवरेज के पानी को नदियों में गिराने की बजाए सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जाए। सैनिकों के हित में भी योजनाएं लाइ गई हैं। बिहार निवासी सैनिक और सेना के पदाधिकारी के शहीद होने पर अब राज्य सरकार उनके आश्रितों या परिजनों को 11 लाख रुपये अनुग्रह राशि देगी। पहले शहीद सैनिकों को पांच लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का प्रावधान था। अनुसूचित जनजाति मेधावृत्ति योजना का संचालन डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी और बैंक खाते को आधार नंबर से जोड़ा जाएगा।

फेम इंडिया मैगजीन-एशिया पोस्ट सर्वे के ‘असरदार आईएएस 2018’ के सर्वे में विभिन्न पैरामीटर में की गई रेटिंग में ब्रजेश मेहरोत्रा को प्रमुख स्थान पर पाया है।