फेम इंडिया – एशिया पोस्ट सर्वे के 100 प्रभावशाली की सूची में प्रमुख स्थान पर हैं प्रसिद्ध नेफ्रोलाजिस्ट डॉ नारायण प्रसाद

लीडरशिप क्वालिटी, उत्तर भारत के किडनी मरीजों में लोकप्रियता और शोध कार्यों के कारण डॉ नारायण प्रसाद की गिनती देश के चुनिंदा नेफ्रोलाजिस्ट में होती है। उनके अब तक डेढ़ सौ से अधिक शोध देश और विदेश के प्रतिष्ठित रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। महत्वर्पूण बात यह है कि उनके रिसर्च पेपर से दुनिया भर के विद्वानों ने आठ सौ साइटेशन कोट किये हैं,जिसके कारण उनकी ख्याति दुनिया भर में है। उन्होंने 2004 में लखनऊ के संजय गाँधी पीजीआई आयुर्विज्ञान संस्थान में सहायक प्रोफसर के रूप में ज्वाइन किया। आज वे यहां के सर्वाधिक लोकप्रिय डॉक्टर हैं। मिलनसार स्वभाव और सेवाभाव के धनी डॉ प्रसाद हर समय मरीजों के लिये उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने ही यहां अलग ब्लड ग्रुप में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू किया। इससे देश में उनकी अलग पहचान बनी। बिहार के झंझारपुर, मधुबनी में जन्मे डॉ प्रसाद की शिक्षा एल एस कालेज में हुई, जिसमें प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ हरगोबिन्द खुराना ने पढ़ाई की थी. उन्होंने पटना मेंडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी किया. अपनी योग्यता और लोकप्रियता के चलते 48 वर्षीय डॉ प्रसाद इंडियन सोसाइटी ऑफ़ नेफ्रोलॉजी और इंडियन सोसाइटी ऑफ़ ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन के अब तक के सबसे कम उम्र के सचिव हैं। एक चिकित्सक के रूप में प्रसिद्ध डॉ प्रसाद को बड़े ह्रदय के व्यक्ति के तौर पर पहचान प्राप्त है, बिहार से आने वाले किसी भी रोगी के लिए डॉ नारायण प्रसाद की मदद भरे हाथ इन्हें प्रभावशाली बिहारी के सूची में शामिल करती है.
लखनऊ के संजय गाँधी पीजीआई आयुर्विज्ञान में नेफ्रोलॉजी के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ नारायण प्रसाद को एशिया पोस्ट – फेम इंडिया मैगज़ीन के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों के सर्वे में प्रमुख स्थान मिला है