चिंतन को विकास के फ्रेम में किया फिट

विरासत में भले ही राजनीति मिली हो, लेकिन लेखन में अपनी पहचान बनाने वाले अर्जित शास्वत अब किसी पहचान के मोहताज नहीं है। कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुए अर्जित शास्वत आम आदमी को पूरा हक मिले यहीं है राजनीति में आने का उनका मकसद।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए राजनीति में पदार्पण किया है। अर्जित शास्वत अटल बिहारी वाजपेयी को अपना आदर्श मानते हैं। और उनकी तरह लेखन में काफी रुचि रखते हैं। अर्जित शास्वत की प्रांरभिक शिक्षा दीक्षा महावीर सरस्वती विद्या मंदिर में हुई। उसके बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई इन्होंने बीआईटी मेसरा से किया। इन्होंने व्यावसायिक शिक्षा सदर्न क्रॉस यूनिवर्सिटी न्यू साउथ वेल्स आस्ट्रेलिया से एमबीए किया। अर्जित शास्वत पढ़ाई के बाद 2007-08 में टाइम शेयर अमेरिकन कंपनी विंडम वर्ल्ड वाईड में सीओ रेंक पर ऑस्ट्रेलिया में कार्य किया जिसमें इनका कार्य क्षेत्र एशिया पैशिफिक रीजन था। इसके पहले इन्होंने ट्रेड वेस्ट ऑस्ट्रेलिया के मार्केटिंग डिविजन में सुपरवाइजर के रूप में कार्य किया। 2004-06 में अर्जित ने बैंगलुरू स्थित सोर्सवन मैनेजमेंट कंपनी में एचआर एक्जिक्यूटिव के रूप में कार्य किया। 2007 में अर्जिस ने में आईटी कंपनी ऑल सेल टेक्नोलॉजी एंड कंसलटेंट्स प्राइवेट लिमिटेड का गठन किया। जिसमें सीईओ सह निदेशक के रूप में कार्य किया। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित अर्जित शास्वत देश में विशिष्ट पहचान पत्र (आधार) प्रदान करने हेतु प्रथम प्रूफ ऑफ कांसेप्ट एवं यूआईडी का प्रथम प्रोजेक्ट को नेशनल लांचिंग का श्रेय मिला।अर्जित शास्वत को लेखन का शौक है। इन्होंने अभी तक कई पुस्तकें लिखी हैं। अर्जित शास्वत लेखन के अलावे खेलकूद, कविता, चित्रकारी और फोटोग्राफी में अभिरूचि लेते हैं। राजनीति में प्रवेश का उनका खास मकसद आम आदमी की आवाज को शासन तक पहुंचाना है और सरकार की योजनाओं को नीचे तक पहुंचे इसके लिए सदा कार्य करते रहना है। इसी सोच के साथ 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में भागलपुर से जनता के बीच गए। और प्रदेश के विकास की कड़ी को खुद को जोड़ दिया। फेम इंडिया एशिया पोस्ट ने अपने ताजा सर्वे में उन्हें बिहार के 40 प्रतिभाशाली युवाओं में पाया है।