आधुनिक भारतीय राजनीति के चाणक्य हैं अमित शाह

अपनी संगठनात्मक क्षमताओं और कुशल रणनीतिक समझ के लिए जाने जाने वाले अमित शाह उन राजनीतिज्ञों में गिने जाते हैं, जिनका राजनैतिक इतिहास प्रभावशाली है. शाह भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष हैं. इन्हें अगर बीजेपी के विजय रथ का सारथी कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. उनका व्यक्तित्व एक गंभीर और उसूलों के पक्के राजनेता का है. हालांकि वे राष्ट्रीय राजनीति में अन्य नेताओं के मुकाबले नये हैं, लेकिन उनमें गजब की दूरदर्शिता और नेतृत्त्व क्षमता है.

एक धनाढ्य व्यापारी परिवार में जन्मे और पले-बढ़े अमित शाह वैसे तो स्कूली जीवन से ही शिक्षा के प्रति गंभीर रहे थे, लेकिन कॉलेज में उनकी निकटता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से बढ़ी और अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद वे पूरी तरह से छात्र राजनीति में उतर गये. 

हालांकि बायोकेमिस्ट्री में बीएससी डिग्री हासिल करने के बाद कुछ दिन पिता का प्लास्टिक पाइप का कारोबार भी संभाला और स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी भी शुरु की, लेकिन जल्दी ही वे भाजपा से पूरी तरह जुड़ गये और 1991 में लाल कृष्ण अडवाणी का व 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी का चुनाव प्रचार संभाला और दोनों ही चुनावों में भारी मतों से जीत हासिल हुई. 

पहली बार सरखेज से 1997 के विधानसभा उपचुनाव में किस्मत आजमायी और तब से 2012 तक लगातार पांच बार वहां से विधायक चुने गये. सरखज की जीत ने उन्हें गुजरात में युवा और तेजतर्रार नेता के रूप में स्थापित किया. उस जीत के बाद वे भाजपा में लगातार सीढ़ियां चढ़ते गए. मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद शाह और अधिक मजबूती से उभरे. 2003 से 2010 तक गुजरात सरकार की कैबिनेट में उन्होंने गृह मंत्रालय का जिम्मा संभाला. हालांकि उन्हें इस बीच कई सियासी उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ा, लेकिन जब नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय राजनीतिक पटल पर लाया गया तो उनके सबसे करीबी माने जाने वाले अमित शाह को भी पूरे देश में भाजपा के प्रचार प्रसार में शामिल किया गया. 

उत्तर प्रदेश में उन्होंने 80 में से 71 सीटें जितवा कर अपनी राजनीतिक क्षमता भी साबित की. उन्हें इसका पुरस्कार भी मिला और वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये गये. आज उनकी गिनती भाजपा के सबसे कद्दावर नेताओं में की जाती है.

व्यक्तित्व, रणनीतिक समझ, जिम्मेदारी, पार्टी में प्रभाव, छवि और राजनीतिक दखल आदि मानकों को ध्यान में रख कर किये गये देशव्यापी सर्वे में अमित शाह को धाकड़ नेताओं में अहम स्थान प्राप्त हुआ है.