साइकिल मिस्त्री से आईएएस अधिकारी का सफर

सफलता पाने के लिए जरूरी है साहस, और साहस से सफलता प्राप्त करने वाले लोग ही प्रेरणा बनते हैं औरों के लिये। वर्तमान में गुजरात में डिप्टी कलेक्टर के पद पर आसीन वरूण कुमार वर्णवाल महाराष्ट्र के एक छोटे से शहर बोइसार से हैं। जन्म एक बेहद साधारण परिवार में हुआ, इनके पांव पर खड़े होने से पहले ही पिता का देहांत हो गया। बड़ी जिम्मेदारी कन्धों पर आ गयी, पर कहते है न “हिम्मते मर्दां मददे खुदा” , जीविका के लिए पिता की पुश्तैनी साइकिल पंक्चर की दुकान चलानी शुरू की पर अपना जीवन के प्रति उत्साह कम नहीं होने दिया।
पढ़ाई और घर की जिम्मेदारी के बीच 10वीं की परीक्षा में इन्होंने पूरे शहर में दूसरा स्थान हासिल किया है। इसे सफलता से वरुण के हौसले को नयी उड़ान मिली लाख संघर्षों-परेशानियों के बावजूद 12वीं और फिर इंजिनयरिंग की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद वरुण ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। साल 2016 में यूपीएससी की सम्मिलित परीक्षा में 32वीं रैंक हासिल कर वरुण कुमार वर्णवाल ने कठिन मेहनत और मजबूत इच्छा-शक्ति की एक गजब मिसाल कायम की। इनकी संघर्ष से कामयाबी की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।