हिमाचल के राजपूताने का राजकुमार हैं विक्रमादित्य सिंह

अंग्रेजी में एक कहावत है ”बोर्न विथ सिल्वर स्पून” ये कहावत हिमाचल प्रदेश की शिमला रूरल विधानसभा सीट से कांग्रेस के
विधायक विक्रमादित्य सिंह के ऊपर एकदम सटीक बैठती है. विक्रमादित्य बुशहर राजघराने से ताल्लुक रखते हैं. ये हिमाचल प्रदेश के सभी विधायकों में से सबसे अमीर विधायक हैं. इनके पिता वीरभद्र सिंह 6 बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. माँ प्रतिभा सिंह भी सांसद रह चुकी हैं. प्रदेश का यूथ आइकॉन माने जाने वाले 29 वर्षीय विक्रमादित्य हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सबसे युवा और लोकप्रिय विधायक हैं.

17 अक्टूबर , 1989 में जन्मे विक्रमादित्य ने शुरुआती शिक्षा शिमला के बिशप कॉटन स्कूल से हासिल की है. साल 2007 में इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स में बीए की डिग्री हासिल की है और सेंट स्टीफेंस से लॉ की पढ़ाई की है. कॉलेज के बाद ये हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमिटी से जुड़े. साल 2013 से विक्रमादित्य हिमाचल प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. साल 2017 के विधानसभा चुनाव में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी के साथ इन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा. इस चुनाव में शिमला रूरल सीट पर कब्ज़ा जमाया. पिता से इन्होंने राजनीति की बारीकियां सीखी हैं. इनका पूरा ध्यान शिमला ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर है.

राजनीति के अलावा विक्रमादित्य सिंह की खेलों में खासी रुचि है. विक्रमादित्य हिमाचल प्रदेश स्पोर्ट्स, कल्चर ऐंड एन्वायरमेंट असोसिएशन के नाम से एक एनजीओ भी चलाते है. ये एनजीओ पर्यावरण जागरुकता के साथ समय-समय पर क्रिकेट और वॉलीबॉल टूर्नामेंट का भी आयोजन करता है.
विक्रमादित्य सिंह कर्मयोद्धा कैटगरी में प्रमुख स्थान पर रहे.