समाज को समर्पित एवं युवाओं के आदर्श हर्ष संघवी

समाज के लिए समर्पित है हर्ष संघवी

समाज के लिए कुछ बेहतर करने की चाह इनके दिल में निरंतर रहती है. काम के प्रति इनका उत्साह और समर्पण देखते ही बनता है. युवा इनको अपना आदर्श मानते हैं और इनका मानना है कि यदि किसी काम को करने के लिए आप दृढ़ संकल्पित हैं तो आप उसमें सफल ज़रूर होंगे.एैसे ही है गुजरात की मजुरा विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक हर्ष संघवी .

एक कुशल नेता के गुण हर्ष में शुरू से मौजूद थे. युवावस्था से ही ये छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं. सामाजिक कार्यों में इनकी विशेष रुचि है. जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा की बेहतरी के लिए हर्ष प्रयत्नशील हैं. जनजातीय इलाकों में काम करने के दौरान हर्ष को पता चला कि यहाँ के ज़्यादातर लोग सिकेल सेल नाम की अल्परक्तता की बीमारी से ग्रसित हैं. इन्होंने इस बीमारी के निदान के लिए काम करना शुरू किया और कई मेडिकल कैंप लगवाये.

8 जनवरी 1985 में जन्मे हर्ष सिंघवी गुजरात में बीजेपी के सबसे युवा जनरल सेक्रेटरी रहे हैं. अपने परिवार में ये पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो राजनीति में उतरे हैं. हर्ष संघवी को साल 2012 में बीजेपी ने पहली बार मजुला विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था.हालांकि ये मुकाबला हर्ष के लिए आसान नहीं था लेकिन इनकी ज़मीनी पकड़ ने पहली ही बार में इन्हें विधानसभा की दहलीज़ को पार करा दिया. साल 2013 में हर्ष संघवी यूथ बीजेपी के स्टेट वाइस प्रेसिडेंट बने. साल 2017 के विधानसभा चुनाव में दोबारा इन्होंने मजुला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. वर्तमान में ये बीजेपी युवा मोर्चा के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट हैं.

हर्ष ने अपना सारा जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया है. इनका लक्ष्य है कि देश के हर युवा को रोजगार मिले. इस उद्देश्य से ये अपने हर जन्मदिवस पर जॉब फेयर आयोजित करवाते हैं जिसके द्वारा आज तक 1850 युवाओं को रोज़गार मिल चुका है.