सकारात्मक दृष्टिकोण से अपनी पहचान बनाने वाले श्रीकांत एकनाथ शिंदे

4 फरवरी 1987 को जन्मे श्रीकांत शिंदे शिवसेना के आधुनिक चेहरा माने जाते है , इन्होने 2014 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र के कल्याण निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल कर लोकसभा की सफर तय किया है |
अपने पिता को आदर्श मानने वाले श्रीकांत पेशे से ओर्थोपेडिक सर्जन हैं. श्रीकांत हमेशा समाज की सेवा करना चाहते हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान, जब शिवसेना एक शिक्षित उम्मीदवार और एक नया चेहरा तलाश रही थी, श्रीकांत एकनाथ शिंदे से चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया, और उन्होंने हाँ कर दिया. इसतरह उनके राजनीतिक सफ़र की शुरुआत हुई. लोकसभा चुनाव के वक़्त वे ओर्थोपेडिक्स में स्नाकोत्तर कर रहे थे. चुनाव के एक महीने बाद उन्होंने परीक्षा दी और ओर्थोपेडिक सर्जन बने. श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने राजनीति को बारीकी से देखा-समझा है. क्योंकि पिता राजनीति से जुड़े रहे हैं, महाराष्ट्रा के युवाओं की तरह, शिवसेना सुप्रीमो बालासाहेब ठाकरे के भाषणों ने श्रीकांत पर भी स्थायी प्रभाव छोड़ा।

सांसद बनने के बाद श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने अपने निर्वाचन क्षेत्र का चेहरा बदलने की दिशा में काम किया है. उन्होंने कई परियोजनाओं को मंजूरी दिलवाई है जिनमें रेलवे और जलमार्ग शामिल हैं.
श्रीकांत एकनाथ शिंदे का मानना है कि राजनीति में युवा रक्त, नए विचार और सकारात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है ताकि लाखों युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को आवाज़ मिल सके.