शिक्षा और विकास के लिए समर्पित: अनुपम हाजरा

शिक्षा और विकास की मशाल अपने हाथों में थामे 36 वर्षीय युवा नेता अनुपम हाजरा समाज को अपने ज्ञान के प्रकाश से रोशन करना चाहते हैं. ये विश्व भारती विश्वविद्यालय, शांति निकेतन में सामाजिक कार्य विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और पश्चिम बंगाल की बोलपुर लोकसभा से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं. अनुपम सोशल वर्क एजुकेटर और डेवलपमेंट प्रोफेशनल हैं. रूरल डेवलपमेंट, सोशल वर्क लिटरेचर और पॉलिसी डेवलपमेंट में इनकी खासी रुचि है. अनुपम के पास बीरभूम जिले में ग्रामीण विकास और स्वच्छता प्रणाली की काफी व्यावहारिक जानकारी थी यही कारण था कि तृणमूल कांग्रेस ने इन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव में बोलपुर सीट के लिए उम्मीदवार चुना. इन्होंने चुनाव जीता और 16वीं लोकसभा पहुंचे.

30 मई 1982 में जन्मे अनुपम हाजरा अपने परिवार के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो राजनीति में उतरे हैं. इनके पिता रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर हैं. अनुपम ने विश्व भारती यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क में परास्नातक किया है और असम यूनिवर्सिटी से रूरल सैनिटेशन में पीएचडी की है. साल 2005 से अनुपम कई गैर लाभकारी क्षेत्रों से जुड़े रहे हैं. इन्होंने देशभर में विभिन्न विकास संगठनों के साथ काम किया है. अनुपम हाजरा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पत्रिकाओं में लिखते रहते हैं.
अनुपम हाजरा ‘कुरुक्षेत्र’ और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रकाशित जर्नल ऑफ़ रूरल डेवलपमेंट के नियमित लेखक हैं. ये विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की विजिटिंग फैकल्टी हैं सांसद बनने के बाद अनुपम, बोलपुर में सैनिटेशन सिस्टम सुधारने का काम ज़ोरों पर कर रहे हैं. अनुपम हाजरा शिक्षाविदों से परामर्श लेकर मौजूदा शिक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए प्रयासरत्त हैं.