शब्दों के धनि एवं रणनीति से परिपूर्ण आँध्रप्रदेश के जोशीले राम मोहन नायडू किंजरपु

मोदी सरकार के खिलाफ़ संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान एक युवा नेता ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. आंध्रप्रदेश से आने के बावजूद अपनी शानदार हिंदी में जब इस युवा नेता ने सरकार पर अपने धारदार सवालों की बौछार शुरू की तो संसद में सबकी नज़रें उनकी तरफ मुद गयीं. तेलगु देशम पार्टी के क्षितिज पर उभरते नए जोशीले सितारे है राम मोहन नायडू किन्जरापू |

अविश्वास प्रस्ताव पर अपने इस छोटे से भाषण के जरिये छोटे नायडू ने ना केवल टीडीपी आलाकमान को अपनी काबिलियत का सबूत दिया बल्कि सत्ता पक्ष को भी ये बता दिया कि आने वाले वक़्त में आंध्रप्रदेश में उनके तेवर का सामना करना आसान नहीं होगा. राम मोहन नायडू आंध्रप्रदेश की श्रीकाकुलम लोकसभा सीट से टीडीपी के सांसद हैं.

18 दिसम्बर 1987 में जन्मे राम मोहन नायडू किन्जरापू ने अमेरिका से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई की है. ये टीडीपी के वरिष्ठ नेता रहे किन्जरापू येरन नायडू के बेटे हैं. हर अमेरिका से पढ़े युवा की तरह राम मोहन का भी सपना अपना खुद का बिज़नेस एम्पायर खड़ा करना था. लेकिन 2012 में पिता की असमय मृत्यु राम मोहन को राजनीति में खींच लायी. अपने जिले को समझने के लिए इन्होंने 650 किमी साइकिल यात्रा की. साल 2014 में श्रीकाकुलम से जीतकर वे 16वीं लोकसभा के सदस्य बने. श्रीकाकुलम अब विभाजित आंध्रप्रदेश के उत्तर तटीय क्षेत्र के उन ३ जिलों में शामिल है जिसे टैक्स प्रोत्साहनों समेत विशेष श्रेणी का दर्जा प्राप्त है.
उनका मानना है कि राजनीति में युवाओं को महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी है. राजनीति का मतलब सिर्फ चुनाव नहीं है बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना है.