महाराष्ट्र की राजनीति का आक्रामक युवा चेहरा है नीतेश राणे

अपने आक्रामक अंदाज़ और विकास वादी नजरिया वाले नीतेश नारायण राणे महाराष्ट्र में सरोकार की राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं. समाज के उत्थान के लिए काम करने का जज़्बा उनको युवा नेताओं की एक अलग ही पंक्ति में खड़ा करता है. महाराष्ट्र में
बेरोज़गारी , स्वास्थ्य हो या फिर रोज़मर्रा की ज़रूरतों की समस्या इन्होंने हमेशा समस्याओं के खिलाफ मोर्चा खोला और काफी
हद तक इनको दूर करने में कामयाब भी रहे. फिलवक्त नीतेश राणे महाराष्ट्र की कणकल्वी विधानसभा सीट से विधायक हैं.

36 वर्षीय नीतेश राणे एक एमबीए प्रोफेशनल हैं. इन्होंने यूनाइटेड किंगडम से पढ़ाई
की है. भारत लौटकर नीतेश राजनीति में सक्रिय हुए. सामाजिक कार्यों में विशेष रुचि के चलते इन्होंने ‘स्वाभिमान संगठन’ नाम के एक
गैर सरकारी संगठन की नींव डाली जो महाराष्ट्र विशेषकर मुंबई में सामजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर काम करता है. साल 2010 में नीतेश राणे ने मुंबई में पानी माफिया से दो-दो हाथ करने के लिए एक टोल फ्री हेल्पलाइन लांच की थी जिससे लोग प्राइवेट वाटर सप्लाई
टैंकर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकें. इनके एनजीओ ने कई जॉब फेयर आयोजित करवाए हैं. अक्टूबर 2011 में स्वाभिमान संगठन द्वारा कामगार मैदान में आयोजित जॉब फेयर ने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. इस जॉब फेयर में 25,000 बेरोजगारों को नौकरी दी गयी थी. इसके अलावा महाराष्ट्र में युवाओं को घर बैठे नौकरी देने के उद्देश्य से इन्होंने ‘नौकरी एक्सप्रेस’ के नाम से एक अनूठी पहल की थी.
साल 2012 में मराठी सिनेमा के उत्थान के लिए नीतेश ने अनंत पनिश्कर के साथ मिलकर ‘महाराष्ट्र कलानिधि’की नींव डाली, साल 2012 में ही इन्होंने ‘सिंधुदुर्ग टूर गाइड’ के नाम से एक ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया था जिसका उद्देश्य सिंधुदुर्ग जिले के युवाओं को टूरिज्म इंडस्ट्री में रोज़गार के अवसर प्रदान करना था.
वर्ष 2014 में इन्होंने कणकल्वी विधानसभा सीट से चुनाव में लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे.