बेबाक अंदाज़ से दिल्ली की आवाज़ बनने वाली नूपुर शर्मा

दिल्ली की मुखर आवाज़ है नूपुर शर्मा
हाज़िर जवाबी और बेबाक अंदाज़ ही नूपुर की पहचान है. इनके बोलने का अंदाज़ और भाषा पर मज़बूत पक‌ड़ विरोधी को भी तारीफ़ के लिए मजबुर करते हैं. पेशे से सुप्रीम कोर्ट की वकील नूपुर शर्मा बीजेपी का युवा चेहरा हैं.

साल 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान किरण बेदी को सीएम प्रोजेक्ट करने के बाद बीजेपी ने आम आदमी पार्टी नेता और
संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नूपुर शर्मा को नई दिल्ली सीट से टिकट दिया था. इस चुनाव में नूपुर को हार का सामना करना पड़ा लेकिन इनका हौसला कम नहीं हुआ. वर्तमान में नूपुर इंग्लिश व हिंदी न्यूज चैनलों पर बीजेपी का पक्ष रखते हुए नज़र आती हैं.

नूपुर शर्मा अपने कॉलेज के दिनों से राजनीति में सक्रिय रही हैं. इन्होंने साल 2008 में दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (डूसू) के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था और 6 सालों से दिल्ली यूनिवर्सिटी में हार का सामना कर रही एबीवीपी को जीत दिलाई थी. हर मुद्दे पर बेबाकी
से अपनी राय रखने की वजह से नूपुर जल्द ही बीजेपी के दिग्गज नेताओं की नजर में आ गईं और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

23 अप्रैल 1985 को जन्मीं नूपुर शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड, नयी दिल्ली से हुई है. इन्होंने दिल्ली
यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली है. इसके बाद ये एलएलएम करने के लिए लंदन चली गयीं और लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से विधि में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली. नूपुर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलावा बर्लिन की कॉनरैल एडेन्यूअर स्कूल ऑफ यंग पॉलिटिशियन से ग्रेजुएशन
की पढ़ाई की है.

लन्दन से लौटने पर नूपुर वकालत के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय रहीं. राजनीति में बढ़ती सक्रियता के बीच 2009 में नूपुर को भारतीय जनता की युवा मोर्चा की राष्ट्रीय वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया और साल 2012 में नूपुर को बीजेपी युवा मोर्चा के मीडिया सेल का इंचार्ज बनाया गया था. इसके अलावा नूपुर भारतीय जनता की युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की सदस्य और बीजेपी दिल्ली की राज्य कार्यकारिणी समिति की सदस्य भी रही हैं.

हिन्दुस्तान टाइम्स ने साल 2009 में भारत की 10 इंस्पिरेशनल महिलाओं में नूपुर शर्मा का भी नाम शामिल किया था.

नूपुर शर्मा क्षमतावान कैटगरी में प्रमुख स्थान पर रहीं.