फेम इंडिया – एशिया पोस्ट सर्वे के 100 प्रभावशाली की सूची में प्रमुख स्थान पर हैं पद्मश्री डॉक्टर कामेश्वर प्रसाद जिन्होंने दुनिया भर में रोशन किया बिहार का नाम

डॉक्टर कामेश्वर प्रसाद देश में चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे अग्रणी सरकारी अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (ऐम्स) में न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख और प्रोफेसर हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में व्यावहारिक और अध्यापन में 35 वर्ष का अनुभव रखने वाले प्रसाद राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं में 270 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित करा चुके हैं। उनकी ख्याति और ज्ञान को दुनिया भर में मान्यता मिली है।

बिहार के मूल निवासी डॉ. कामेश्वर प्रसाद ने मेडिकल की पढ़ाई रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से की। इसके बाद वर्ष 1983 में एमडी और 1985 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से डीएम की पढ़ाई की। उन्‍होंने कनाडा की मैकमास्‍टर यूनिवर्सिटी से 1993 में क्लिनिकल एपिडेमियोलॉजी एण्‍ड हेल्‍थ रिसर्च मेथोडोलॉजी में मास्‍टर ऑफ साइंस की डिग्री भी प्राप्‍त की। क्लिनिकल न्‍यूरोलॉजी, आघात, साक्ष्‍य आधारित औषधि, नैदानिक परीक्षण, मेटा-एनालिसिस, चिकित्‍सा शिक्षा और क्लिनिकल एपिडेमियोलॉजी के क्षेत्र में उन्हें महारत हासिल है।

उन्हें समय-समय पर अमेरिका, कनाडा, यूके, सिंगापुर और दूसरे देशों में मेडिकल के व्याख्यानों के लिए बुलाया जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ने उन्हें अपने संपादकीय बोर्ड का सदस्य बनाया है। शिकागो के ‘इयर बुक’, अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिजिज जर्नल, और ऑक्सफोर्ड के जर्नलों में उनके उच्च गुणवत्ता वाले शोधपत्र प्रकाशित होते हैं। डॉ. प्रसाद चिकित्सा सेवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एशिया प्रशांत फोरम के अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार समिति का सदस्य भी रहे हैं।

वर्ष 2001 में ऐम्स में शुरू हुए स्ट्रोक विज्ञान यूनिट की स्थापना का श्रेय भी डॉ. कामेश्वर को ही जाता है। इससे पहले वे 1995 में स्थापित स्ट्रोक क्लिनिक से भी शुरुआत से जुड़े हैं। वे राष्ट्रीय स्ट्रोक नियंत्रण कार्यक्रम में भी शुरुआत से शामिल हैं। वह राष्ट्रीय समिति की कोर कमेटी, तकनीकी सलाहकार समिति और विभिन्न विशेषज्ञ समूहों के सदस्य रहे हैं।

चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान के लिए वर्ष 1992 में उन्हें चौथे सबसे बडे नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने स्टेम सेल थेरेपी पर काफी शोध किया है। उन्होंने न्यूरो साइंसेज विभाग की स्थापना में बहरीन सरकार की भी काफी मदद की। डॉ. प्रसाद द्वारा लिखी किताब ‘फंडामेंटल्स ऑफ एविडेंस बेस्ट मेडिसिन’ चिकित्सा के क्षेत्र में काफी लोकप्रिय है। वह चिकित्सा में पीएचडी करने वाले कई विशेषज्ञों के गाइड भी रहे हैं।अपनी राष्ट्रीय छवि, कार्यक्षेत्र में सफलता, सामाजिक सरोकार, राज्य से जुड़ाव और देश में बड़ा प्रभाव बना कर इन्होंने बिहार का मान देश-दुनिया में बढ़ाया है। उपरोक्त पांच मानदंडों पर एशिया पोस्ट व फेम इंडिया मैगजीन द्वारा किये गये सर्वे में (बिहार से आने वाले) देश के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में इन्हें प्रमुख स्थान पर पाया गया है। टीम फेम इंडिया की तरफ से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।