देश राजनीति की युवा धुरी है दीपेंद्र सिंह हुड्डा

एक शानदार विरासत, दमदार राजनीतिक प्रदर्शन और असरदार विनम्रता, यही पहचान है 16वीं लोकसभा में रोहतक का प्रतिनिधित्व कर रहे दीपेंद्र सिंह हुड्डा की जो लगातार तीसरी बार सांसद चुन गये हैं। 2005 में वे चौदहवीं लोकसभा के दौरान हुए उपचुनाव में पहली बार सांसद बने। इसके बाद 2009 और 2014 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीता। 2014 में तो कांग्रेस विरोधी लहर के बावजूद अपनी लोकसभा सीट बचाये रखने में कामयाब रहने वाले वह हरियाणा के एकमात्र सांसद हैं। हुड्डा हरियाणा में अपनी विशेष पहचान रखने वाले राजनीतिक परिवार के तीसरी पीढ़ी के नेता हैं।

सादगी पसंद हुड्डा के बारे में कहा जाता है कि वह अपने राजनीतिक रसूख के इस्तेमाल से हमेशा परहेज करते हैं।
दीपेंद्र का जन्म 4 जनवरी 1978 को हरियाणा रोहतक में हुआ। उन्होंने एमडी विश्विद्यालय के बिरला इंस्ट्यूट से इंजीनियरिंग और अमेरिका के इंडियाना विश्वविद्यालय के केली स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की पढ़ाई की। वे अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज से भी शुरुआती शिक्षा हासिल कर चुके हैं। राजनीति में उतरने से पहले उन्होंने इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्री में भी काम किया। ग्रामीण आधारभूत संरचना, पानी, खेती, शिक्षा और ऊर्जा जैसे विषयों में उन्हें विशेष दक्षता हासिल है।