जिसके नाम से कांप उठते है बाहुबली अपराधी

1994 बैच के आईपीएस कुंदन कृष्णन का नाम आते ही, पुलिस का एक ऐसा चेहरा आंखों के सामने घूम जाता है जिसके नाम से अपराधी कांप उठते हो। स्ट्रिक्ट पुलिसिंग क्या होती है इसका अंदाजा आप कुंदन कृष्णन के काम करने के तरीके से लगा सकते हैं। बिहार के नालंदा जिले के रहनेवाले आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन को  अपराधियों का दुश्मन माना जाता है। किसी भी राज्य के कानून व्यवस्था का आकंलन वहां की राजधानी की कानून व्यवस्था को देखकर लगाया जाता है। बिहार के जंगलराज की चर्चा जिस समय पूरे देश मे हो रही थी त्तकालिन गवर्नर सरदार बूटा सिंह ने स्थिति से निपटने के लिए कुंदन कृष्णन को पटना का एसएसपी बनाया था। इसके पहले कुंदन कृष्णन छपरा में अपने काम करने के अंदाज से पूरे बिहार में एक इमानदार कड़क ऑफिसर की अपनी छवि बना चुके थे। दरअसल छपरा जेल के अंदर से ही रिमोट कंट्रोल के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। कुंदन कृष्णन ने उस पूरे अपराधिक तंत्र को ही खत्म कर दिया। उसी समय बिहार में चुनाव हो रहा था।चुनाव के बाद नीतीश सरकार बहुमत में आई। बिहार की लचर कानून व्यवस्था को सुधारने की बात चुनाव के दौरान की गई थी और यही भारी बहुमत दिलाने का कारण भी रही। अब नई सरकार के लिए जरुरी था कि वो कानून व्यव्स्था को जल्द से जल्द ठीक करें। उस समय कुंदन कृष्णन ही पटना के एसएसपी थे। राज्य में कानून व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कुंदन कृष्णन ने अपराधियों के खिलाफ छापेमारी का सघन अभियान चलाया नतीजतन अपराधियों के लिस्ट के बड़े-बड़े नाम गायब हो गए। लोगो में असुरक्षा और डर की जो भावना घर कर गई थी दूर हुई। यह कुंदन कृष्णन की व्यवहार कुशलता का ही नतीजा था कि दूसरे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस से तालमेल बिठाकर अपराधियों का खात्मा किया गया। ये वैसे अपराधी थे जो बिहार में अपराध कर दूसरे राज्य में छिप जाते थे। हालांकि आज जबकि विज्ञान काफी तरक्की कर गया है और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का अपयोग पुलिस करती है लेकिन, ऐसे में कुंदन कृष्णन के विषय में लोगों का कहना है कि उनके पास ह्यूमन इंटेलिजेंस का काफी मजबूत नेटवर्क है। यही वजह है कि भले ही अपराधी क्यों ना पाताल में ही छुपा हो कुंदन कृष्णन से बचकर नहीं निकल सकता।नक्सलवादी और अंडर्वल्ड के लोगो में एक खौफ है कुंदन कृष्णन का जो किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए एक गर्व की बात है। अपनी बातों को घूमाकर कहने के बजाए सीधी बात में विश्वास रखने वाले कुंदन कृष्णन का रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। केंद्र के डेप्यूटेशन पर कुछ समय के लिए कुंदन कृष्णन की पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में भी हुई थी।नक्सलियों के गढ़ में भी इस अधिकारी ने अपनी हिम्मत से उनके हौसले पस्त कर दिए और सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। कुंदन कृष्णन अपने मातहतों के साथ एक ऑफिसर के तौर पर जहां अनुशासित और कड़क है तो वहीं दूसरी ओर ड्यूटी के अलावे बहुत मधुर और एक मार्गदर्शक की तरह रहते हैं।

फेम इंडिया मैगजीन- एशिया पोस्ट के सर्वे 25 सर्वश्रेष्ठ सुपर कॉप्स 2017 (बिहार) में इन्हे अपराध नियंत्रण, ईमानदारी, कर्तव्य निष्ठा,  मातहत से संबंध, जनता से संबंध, छवि और  कार्यकाल  इन सात मुद्दे पर किये गये सर्वे में उच्च रेटिंग मिली है .. टीम फेम इंडिया की बधाई और शुभकामनाएं।