जानी-मानी साहित्याकार और पूर्णकालिक महिला राज्यपाल हैं “मृदुला सिन्हा”

जानी-मानी साहित्याकार मृदुला सिन्हा को सितंबर 2014 में गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। वे देश की पहली पूर्णकालिक महिला राज्यपाल हैं। अटल बिहारी वाजपेई सरकार के कार्यकाल में मृदुला केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड, मानव संसाधन विकास मंत्रलय में अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर करने के बाद उन्होंने बीएड की पढ़ाई की। उन्होंने बिहार के मोतिहारी स्थित डॉ. एसके सिन्हा वुमेन्स कॉलेज में लेक्चरर के रुप में अपने करियर की शुरुआत की। बाद में वे मुजफ्फरपुर के भारतीय शिशु मंदिर की प्रधानाचार्य बनीं। उनकी शादी डॉ. राम कृपाल सिन्हा से हुई जो पूर्व में कॉलेज लेक्चरार थे और बाद में बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।

पति का साथ देते हुए वे भी राजनीति में आ गयीं। 1967 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा। 1980 में वे अटल बिहारी वाजपेयी की चुनाव संयोजक रहीं। उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल किया गया। फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनायी गयीं। उन्होंने पार्टी के महिला मोर्चा की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। वे जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व वाली ‘समग्र क्रांति’ में सक्रियता से शामिल रहीं।

मृदुला सिन्हा ने विभिन्न विषयों पर 46 से अधिक किताबें लिखी हैं। उनकी किताबों पर फिल्में भी बन चुकी हैं। वे पाँचवाँ स्तम्भ के नाम से एक सामाजिक पत्रिका निकालती रही हैं। उनकी कहानियों, उपन्यासों और लेखों  में अधिकतर सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, स्त्रियाँ, बच्चे और ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित होते हैं। जयपुर राजघराने की राजमाता विजया राजे सिन्धिया पर लिखी उनकी पुस्तक एक थी रानी ऐसी भी  की पृष्ठभूमि पर फिल्म भी बन चुकी है।

सरल व्यक्तित्व, उच्च विचार एवं अपने लेखनी के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध मृदुला को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से साहित्य भूषण सम्मान व दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार के अतिरिक्त अन्य भी कई सम्मान-पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।

 

सिन्हा आज भी खुद को मिथिला की बेटी मानती हैं। उनका जन्म अनुपा देवी व बाबू छबीले सिंह के यहाँ 27 नवम्बर 1942 को हिन्दू पंचांग के अनुसार राम-विवाह के शुभ दिन बिहार के छपरा में हुआ। कहा जाता है कि उनकी मां तो उन्हें जन्म ही नहीं देना चाहती थीं लेकिन उनके पिता ने किसी तरह से उन्हें बचा लिया।  अपनी राष्ट्रिय छवि,कार्यक्षेत्र में सफलता, सामाजिक सरोकार,राज्य से जुड़ाव और देश में बड़ा प्रभाव बना कर इन्होने बिहार का मान देश दुनिया में बढाया है ,उपरोक्त पॉंच मानदंड पर एशिया पोस्ट व फेम इंडिया मैगजीन द्वारा किये गये सर्वे में देश के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में इन्हे प्रमुख स्थान पर पाया गया है,  टीम फेम इंडिया की तरफ से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ.