जनता की सेवा और राजनीति की कमान संभालते अविनाश रेड्डी

किशोरावस्था से ही अविनाश रेड्डी राजनीति में सक्रिय हो गये थे क्योकि इनका परिवार देश की राजनीति में अपना एक स्थान रखता है | अविनाश आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के भतीजे हैं. इनके पिता वाईएस भास्कर रेड्डी वाईएसआर के चचेरे भाई हैं, चुनावी राजनीति में शुरुआत से पहले अविनाश रेड्डी ने कांग्रेस पार्टी में ज़मीनी स्तर पर काम किया है |

अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत इन्होंने पुलिवेंदुला के लिंगाला क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के प्रभारी के रूप में की. इसके बाद वाईएसआर के राज में जिले में पार्टी के अलग-अलग पदों पर रहे. वाईएसआर की मृत्यु के बाद जब उनके बेटे जगनमोहन रेड्डी ने कांग्रेस से विद्रोह करके वाईएसआर कांग्रेस की नींव रखी तब अविनाश ने कडपा जिले के यूथ विंग के अध्यक्ष के तौर पर वाईएसआर कांग्रेस की कमान संभाली. अपनी क्षेत्र की जनता की समस्या जानने सुलझाने के लिए इस युवा नेता ने बड़े पैमाने पर अपने जिले काम किया. धीरे-धीरे कडपा की जनता में इस युवा नेता की लोकप्रियता बढ़ने लगी. इन सब कामों ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अविनाश को कडपा लोकसभा सीट से जीत दिलाने में मदद की.

27 अगस्त 1984 में आंध्र प्रदेश के कडपा में जन्मे अविनाश रेड्डी ने सेंट जोसफ कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से बीटेक किया है और यूनिवर्सिटी ऑफ़ वोर्सेस्टर, यूके से एमबीए किया है. वाईएस अविनाश रेड्डी, वाईएसआर कांग्रेस के उन पांच सांसदों में से एक हैं जिन्होंने आन्ध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा ना देने के विरोध में बजट सत्र के अंतिम दिन अपना इस्तीफ़ा दे दिया था.

समाजसेवा में अविनाश की काफी रुचि है. इन्होंने अनाथालयों और वृद्धाश्रमों की मदद कई कार्यक्रम आयोजित किये हैं. ज़रूरतमंदों की मदद के लिए अविनाश हरदम तत्पर रहते हैं.