गुजरात की युवा ब्रिगेड का चमकदार सितारा: राजेशभाई नारनभाई चुडासमा

गुजरात की युवा ब्रिगेड में से एक चमकदार सितारा राजेशभाई नारनभाई चुडासमा हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में राजेश चुडासमा गुजरात के सबसे युवा उम्मीदवार थे. ऐसा पहली बार हुआ था जब बीजेपी ने जूनागढ़ और गिर सोमनाथ के जुड़वां जिलों में कोली समुदाय के किसी व्यक्ति को लोकसभा का टिकट दिया था. जूनागढ़-गिर सोमनाथ में सबसे ज्यादा वोट शेयर इसी समुदाय का है. इस चुनाव में राजेश चुडासमा ने अपने से ज्यादा अनुभवी 5 बार विधायक रहे कांग्रेस के पुंज वंश को 1,35,832 वोटों से हराया और लोकसभा पहुंचे. इससे पहले राजेश चुडासमा जूनागढ़ के मंगरौल से विधायक थे.
राजेशभाई चुडासमा के चाचा हीरा चुडासमा तीन दशकों से भी ज्यादा चोरवाड म्युनिसिपैलिटी के अध्यक्ष रहे हैं. वे अम्बानी के काफी करीबी बताये जाते हैं. उन्हीं की इच्छा थी कि राजेशभाई राजनीति में आयें और 2012 का गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ें. अपने चाचा की प्रेरणा से राजेश ने 2012 का विधानसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस के उम्मीदवार चन्द्रिका चुडासमा को हराकर मंगरौल सीट पर अपना कब्ज़ा किया.
10 अप्रैल 1982 में गुजरात के जूनागढ़ में जन्मे राजेश चुडासमा कॉमर्स में स्नातक हैं. वे मोंघीबेन रामभाई चैरिटेबल ट्रस्ट और श्री लक्ष्मीनारायण एजुकेशन & चैरिटेबल ट्रस्ट चलाते हैं. उनके क्षेत्र के लोग उनसे आसानी से मिल सकते हैं और अपनी समस्याएं उन तक पहुंचा सकते हैं. राजेश का परिवार सीफ़ूड प्रोडक्ट्स का बिज़नेस करता है.
राजेशभाई जूनागढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं. शहर के दो मुख्य आकर्षण हैं- माउंट गिरनार, जो हिंदुओं और जैनों के लिए एक पवित्र स्थल है, और गिर राष्ट्रीय उद्यान, जो एशियाई शेरों के लिए मशहूर है। राजेशभाई का मानना है कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय व्यापार और नौकरियों को बढ़ावा मिलेगा. राजेश चुडासमा ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और कल्चर की स्थायी समिति के सदस्य रहे हैं. वे कृषि मंत्रालय की परामर्श समिति के सदस्य भी हैं.
फेम इंडिया मैगज़ीन व एशिया पोस्ट सर्वे के 40@40 2018 के सर्वे में सक्रियता, राजनैतिक व सामाजिक जीवन, जनता से जुड़ाव, प्रभाव, संयम, संवाद क्षमता आदि कई बिन्दुओं पर किये गए आंकलन में राजेशभाई नारनभाई चुडासमा सफल कैटगरी में प्रमुख स्थान पर रहे.