फेम इंडिया – एशिया पोस्ट सर्वे के 100 प्रभावशाली की सूची में प्रमुख स्थान पर हैं नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत

बिहार के सपूत अमिताभ कांत अपनी कार्यकुशलता और प्रशानिक क्षमताओं के चलते भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में खास स्थान बना चुके हैं। 1980 बैच के ये आईएएस अधिकारी प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में देश के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाने वाले नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। इसके पहले मार्च 2016 तक वे औद्योगिक नीति व प्रोत्साहन विभाग के सचिव थे।

अमिताभ कांत का जन्म 1 मार्च 1956 को हुआ। उनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्विद्यालय उन्होंने के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) की और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एम.ए. की पढ़ाई की। उन्होंने शेवनिंग स्कॉलरशिप पर मैनचेस्टर बिजनेस स्कूल में भी पढ़ाई की। वे हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय से मिड कैरियर कोर्स कर चुके हैं। उन्होंने जॉन एफ कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद से भी पढ़ाई की है।

उन्होंने औद्योगिक विकास के लिए नीति बनाने और उसे लागू कराने के साथ साथ औद्योगिक विकास और विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्रों के विकार का खाका भी तैयार किया है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के लिए नीति बनाने और उसे सफलतापूर्वक लागू करने का श्रेय भी कांत की उपलब्धियों में से एक है। देश के विकास में उनकी क्षमताओं के अधिक से अधिक इस्तेमाल के लिए प्रधानमंत्री के निर्देश पर उन्हें सड़क परिवहन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में भी सदस्य बनाया गया है।

पर्यटन क्षेत्र के विकास में उन्होंने अभूतपूर्व योगदान दिया। वे केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय में संयुक्त सचिव रहे और केरल सरकार में भी पर्यटन सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और इनक्रेडिबिल इंडिया जैसे कार्यक्रमों का श्रेय अमिताभ को ही जाता है। अतिथि देवो भवः की शुरूआत भी उन्होंने ही की थी। अमिताभ कांत केरल सरकार के पर्यटन, औद्योगिक विकास निगम के सचिव रहे। वे यूएनडीपी के ग्रामीण पर्यटन परियोजना के राष्ट्रीय परियोजना निदेशक भी रहे। उन्होंने हस्तशिल्प, हथकरघा और संस्कृति विरासत के धनी गांवों में पर्यटन प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। इसके लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्करों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने मैटिफैड के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाली। केरल में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कालीकट हवाई अड्डे को विकसित करने का काम किया। अपनी राष्ट्रीय छवि, कार्यक्षेत्र में सफलता, सामाजिक सरोकार, राज्य से जुड़ाव और देश में बड़ा प्रभाव बना कर इन्होंने बिहार का मान देश-दुनिया में बढ़ाया है। उपरोक्त पांच मानदंडों पर एशिया पोस्ट व फेम इंडिया मैगजीन द्वारा किये गये सर्वे में (बिहार से आने वाले) देश के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में इन्हें प्रमुख स्थान पर पाया गया है। टीम फेम इंडिया की तरफ से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।