फेम इंडिया – एशिया पोस्ट सर्वे के 100 प्रभावशाली की सूची में प्रमुख स्थान पर हैं सुलभ इंटरनेशनल के फाउंडर डॉ बिन्देश्वर पाठक

विश्वविख्यात समाजसेवी 73 वर्षीय डॉ बिन्देश्वर पाठक ने समाज के लिए सबसे जरूरी स्वच्छता, मानवाधिकार, पर्यावरण और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य से देश दुनिया में बड़ी पहचान बनायी है. इनके कार्य को सिर्फ स्वच्छता, तक मानना बेमानी होगा क्योंकि बिहार के पारंपरिक ब्राह्मण परिवार जन्म होने के बावजूद अछूत माने जाने वाले भंगी समुदाय के लिए किये गए इनके कार्य अतुलनीय हैं, जो इन्हें सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक से ज्यादा एक समाजशास्त्री बनाते हैं. महात्मा गांधी व डॉ. अंबेडकर की विचारधारा के पक्षधर डॉ. पाठक स्नातक की पढ़ाई पूरी कर बिहार गाँधी सेनटेनरी सेलिब्रेशन कमेंटी से जुड़े. इस दौरान की गयी यात्राओं में इन्हें मैला ढोने वाले लोगों की समस्या को जानने समझने का मौका मिला. इसके बाद 1970 में इन्होंने सुलभ इंटरनेशनल की स्थापना की. करीब 43 वर्षों से स्वच्छता, व सामाजिक छुआछूत को ले कर किये जा रहे सुलभ इंटरनेशनल के कार्य आज विश्व की जरूरत बन गये हैं. इनके समाज विकास के कार्यों की विशेषता का अंदाजा इसा बात से लगाया जा सकता है कि न्यूयॉर्क के मेंयर ने 14 अप्रैल 2016 को बिन्देश्वर पाठक डे के तौर पर घोषित किया.
समाज सेवा के विशिष्ट कार्यों के लिए पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित डॉ. पाठक को राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर 60 से ज्यादा अवार्डों से नवाजा जा चुका है. सन् 2003 में श्री पाठक का नाम विश्व के 500 उत्कृष्ट सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्तियों की सूची में प्रकाशित किया गया। श्री पाठक को एनर्जी ग्लोब पुरस्कार भी मिला. इन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने के लिये प्रियदर्शिनी पुरस्कार एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणाली के लिये दुबई अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त किया है.
देश दुनिया में बड़ी पहचान बनाने वाले डॉ पाठक बिहारी अस्मिता और पहचान के एशिया पोस्ट सर्वे के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में प्रमुख स्थान बनाने में सफल रहे.